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वॉशिंगटन । साढ़े सात फीसद की आर्थिक विकास दर के साथ भारत 2016 में लगातार दूसरी बार चीन से आगे दुनिया की सबसे तेज उभरती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आइएमएफ) ने ताजा रिपोर्ट में यह बात कही है। उसने अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए आर्थिक विकास के अनुमानों को घटाते हुए 3.3 फीसद कर दिया है।
-आइएमएफ ने गुरुवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट जारी किया। इसमें चालू वर्ष में भारत की ग्रोथ साढ़े सात फीसद रहने का अनुमान जताया गया है। चीन के लिए यह आंकड़ा 6.8 फीसद बताया है। आइएमएफ ने 2016 में भी चीन के 6.3 फीसद की तुलना में भारत के लिए साढ़े सात फीसद की आर्थिक विकास दर की भविष्यवाणी की है।
फिलहाल भारत के लिए आइएमएफ के ग्रोथ के अनुमान वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक की तुलना में कम हैं। वित्त मंत्रालय ने आर्थिक रफ्तार आठ से साढ़े आठ फीसद रहने का अनुमान जाहिर किया है। जबकि रिजर्व बैंक ने 7.6 फीसद का अनुमान जताया है। भारत और चीन दोनों के मामले में आइएमएफ ने अप्रैल में जाहिर किए गए अनुमानों को बनाए रखा है। जबकि 2015 में ग्लोबल ग्रोथ के लिए भविष्यवाणी को 3.5 फीसद से घटाकर 3.3 फीसद कर दिया है।
आठ से दस फीसद पर बनी रहेगी रफ्तार
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पानगडि़या को भरोसा है कि भारत की आर्थिक विकास दर अगले 15 साल तक सालाना आठ से दस फीसद पर बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत में विकास की अच्छी संभावनाएं हैं। सरकार की विकासोन्मुख नीतियों का भी उसे सहारा मिलेगा