रतलाम। जिला अस्पताल की प्रशासनिक अधिकारी व सहायक कलेक्टर तन्वी हुड्डा बुधवार की शाम को जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंच गई। उन्होंने यहां सफाई अव्यवस्था देखी और ठेकेदार के कर्मचारियों को बुलाने के लिए कहा तो मेटरनिटी से लेकर वे आईसीयू तक पहुंच गई लेकिन सफाई ठेकेदार का सुपरवाइजर किसी को नहीं मिली। यहां तक कि मेट्रन, दूसरे कर्मचारी व डॉक्टर भी उसे ढूंढते रहे।

दोपहर में सिविल सर्जन ने कलेक्टर को कायाकल्प योजना के तहत हुए निरीक्षण की रिपोर्ट दी तो शाम करीब पांच बजे सहायक कलेक्टर तन्वी हुड्डा यहां निरीक्षण के लिए पहुंच गई। वे पहुंचते ही सीधे मेटरनिटी वार्ड में पहुंची। यहां के कक्ष के निरीक्षण के बाद लौटते हुए नीचे बने मेटरनिटी वार्ड के सामने से निकली तो यहां वार्ड की खिड़कियां खुली होने से कर्मचारियों से कहा कि खिड़कियां बंद रखे वरना मच्छर प्रवेश करेंगे और नवजात को परेशानी हो सकती है।

लौटते समय वे कोल्ड चैन के यहां कॉरीडोर में पड़े कचरे को लेकर नाराज हुई। यहां से लैबर रूम में गई जहां गर्भवती के साथ आई महिलाएं बैठी मिली। यहां एक गर्भवती फर्शी की कुर्सी पर बैठी मिली तो नर्सों से कहा कि वे इन्हें पलंग उपलब्ध कराएं। ऐसे कहीं नहीं बैठने दें, इन्हें आराम की जरुरत होती है। फिर सिजेरियन वार्ड और बाद में ओपीडी कक्ष के यहां पहुंची तो यहां पानी फैला हुआ मिला जिस पर सुपरवाइजर और सफाईकर्मियों का पूछा लेकिन कहीं नहीं मिले।

 

By parshv