गुडग़ांव। विश्व हिंदू परिषद्(विहिप) के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल का मंगलवार को निधन हो गया। वे 89 साल के थे और गुडग़ांव के मेदांता अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्हें पिछले दिनों ही स्वास्थ्य खराब होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सिंघल का जन्म उत्तर प्रदेश के आगरा में हुआ था।बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से मेटाल्यूर्जिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करने के बाद वे आरएसएस से जुड़ गए। 1980 में विहिप में नियुक्ति के बाद से वे इसी में रहे। उन्होंने हिंदुस्तानी संगीत में की शिक्षा भी ली थी। 1981 में मीनाक्षीपुरम धर्मांतरण के बाद सिंघल विहिप के संयुक्त महासचिव बन गए।
उन्होंने पता किया कि इस धर्मांतरण की प्रमुख वजह दलितों को मंदिर में न घुसने देना था। इसके बाद विहिप ने दलितों के विशेष 200 मंदिर बनवाए। बाद में सिंघल रामजन्मभूमि आंदोलन से जुड़ गए। वे अयोध्या में राम मंदिर देखना चाहते थे। पिछले दिनों अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उन्होंने कहा था कि मैं ठीक हूं, अभी तो राम मंदिर बनवाना है।