पटवारियों ने तहसीलदार को बस्ते सौंपे और सभी हड़ताल पर चले गए

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रतलाम। जिले के पटवारी तहसीलदार को बस्ते सौंपकर गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। राजस्व वसूली सहित अन्य काम अटक गए। पटवारी सुबह 10.30 बजे बस्ते लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे। एक के बाद एक पटवारियों ने तहसीलदार अजय हिंगे को बस्ते सौंप हड़ताल शुरू कर दी।
जिलाध्यक्ष मदनलाल कटारिया ने बताया 3500 से 5200 रुपए के बीच वेतनमान है। हम 4500 से 7000 रुपए की मांग कर रहे हैं। अब तक पूरी नहीं हुई है। इससे बस्ते जमा किए हैं। सचिव रमेश बैरागी, ध्रुवलाल निनामा सहित बड़ी संख्या में पटवारी मौजूद थे।

आज आंबेडकर सर्कल पर धरना-जिला पटवारी संघ के बैनर तले पटवारी छत्रीपुल आंबेडकर प्रतिमा के पास धरना देंगे। सुबह 10.30 बजे से धरना शुरू होगा।

सैलाना के 26 पटवारी भी हड़ताल पर चले गए

तहसील शाखा अध्यक्ष बहादुरसिंह डोडिय़ार के बताया सभी पटवारियों ने तहसीलदार सैलाना को प्रभार सौंपकर हड़ताल शुरू कर दी। कैलाश माहेश्वरी, भरतलाल खराड़ी, मोहनसिंह गामड़, महेंद्र बारिया, विनोद धारू, दीपक राणा, मोहन पाटीदार, रचना गुप्ता, रेखा पाटीदार, दीपमाला राठौर, उषा पीपरीवाल, ब्रजेश जायसवाल आदि मौजूद थे।

ये काम हुए प्रभावित

जिले में रोज 50 सीमांकन होते है। गुरुवार को एक भी नहीं हुआ।

पटवारी के कक्ष के नामली, मूंदड़ी, बिलपांक, शिवगढ़, कालूखेड़ा टप्पे खाली रहे और किसानों का वापस लौटना पड़ा।

रोज 100 खाता खसरा नकल के आवेदन आते हैं। एक भी नकल नहीं बन पाई।

मुआवजा वितरण के लिए राशि आ चुकी है। पहले चुनाव और फिर हड़ताल के कारण किसानों की सूची नहीं बन रही है। इससे सूखा राहत का मुआवजा बंटना शुरू नहीं हुआ है।

अक्टूबर से मार्च तक राजस्व वसूली चलती है। किसानों ने अभी फसलें बेची है। इससे उनके पास रुपए हैं। हड़ताल से शासन को 8 से 10 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

भूमि के डायवर्सन के आवेदन अटक गए हैं।

11 सूत्रीय मांगों को लेकर मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ का चरणबद्ध आंदोलन 28 नवंबर से शुरू होगा। जिला से प्रदेश स्तर तक आंदोलन होगा। मप्र लघु वेतन कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष कोमलसिंह चौहान एवं गोविंद सोनगरा ने बताया चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का लंबे समय से नियमितिकरण अटका है। 28 नवंबर से चरणबद्ध आंदोलन होगा। जिला सचिव मुनीर खान, प्रेमसिंह राठौड़, शांतिलाल चौहान, राधेश्याम मालाकार, दीपक छप्री, विनोद राठौड़ आदि ने कर्मचारियों से आंदोलन में शामिल होने की गुजारिश की है।

कब क्या

28 नवंबर को काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।

11 दिसंबर पर संभागीय स्तर संभागायुक्त को ज्ञापन देंगे।

25 जनवरी को जिला स्तर पर कलेक्टर के नाम सीएम को ज्ञापन सौंपेंगे।

20 फरवरी को सामूहिक अवकाश को लेकर प्रदर्शन करेंगे।

ये चाहते हैं कर्मचारी

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का नियमितिकरण हो।

वृत्तिकर समाप्त किया जाए।

पदनाम परिवर्तन किया जाए।

चौकीदारों का भत्ता बढ़ाया जाए।

अभी वर्दी के लिए 50 रुपए भत्ता मिलता है इसे बढ़ाकर 200 रुपए किया जाए।