सर्वधर्म समभाव की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने निवास पर पारंपरिक उत्साह के साथ गुरूनानक जयंती-प्रकाश पर्व का आयोजन किया। बडी संख्या में पधारे सिख समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि गुरू नानक की शिक्षाओं में विश्व समाज की समस्याएं दूर करने की शक्ति है। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय में बलिदान की परंपरा रही है। उन्होने कहा कि सभी मानव एक समान हैं क्योंकि वे एक परमात्मा की संतान हैं।
मुख्यमंत्री ने रागियों के साथ शबद कीर्तन में भाग लेते हुए गायन में साथ दिया। उन्होने श्री गुरूग्रंथ साहब को शिरोधार्य किया। सिख समाज ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए उन्हें पगडी पहनाई।
श्री चौहान ने कहा कि सिख समुदाय ने समाज पर अपनी छाप छोडी है। उन्होने आव्हान किया कि प्रदेश की प्रगति और समृद्धि के लिये मिल के साथ चलें और आगे बढें। ईमानदारी की कमाई में से परमार्थ के लिये कुछ हिस्सा रखें। जो भी दुख में है उसकी मदद करें।
प्रदेश सिख समाज मध्यप्रदेश की ओर से सरोपा, तलवार और शाल भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया। अध्यक्ष श्री जितेन्द्रपाल सिंह गिल ने उन्हें अभिनंदन पत्र सौंपा। सिख समाज ने सभी धर्मों का सम्मान करने की परंपरा शुरू करने के लिये मुख्यमंत्री की सराहना की और मुख्यमंत्री के रूप में 10 साल की सेवा पूरी करने पर सिख समाज उन्हें बधाई देते हुए लम्बी आयु की कामना की।
शबद कीर्तन के साथ प्रकाश पर्व की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ज्ञानी दिलीपसिंह और अन्य धर्मो के गुरुजन का सम्मान किया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी, भोपाल के महापौर श्री आलोक शर्मा, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।