इस्लामाबाद:पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बुधवार को हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस शुरू हो चुकी हैं । कॉन्फ्रेंस में भारत की ओर से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज हिस्सा ले रही हैं । ‘हार्ट ऑफ एशिया’ समिट में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाक पीएम नवाज शरीफ से मुलाकात की और अपनी स्पीच में पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ ने कहा, ”अफगानिस्तान में सब मिलकर शांति लाएं। IS के खिलाफ खड़े होने की जरूरत है । आतंकवाद सबका दुश्मन है।”
इस सम्मेलन में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं । 2011 में हार्ट ऑफ एशिया प्रक्रिया अफगानिस्तान और तुर्की की पहल पर गठित हुई थी । हार्ट ऑफ एशिया समिट में कुल 14 देश शामिल हो रहे हैं जिसका मुख्य उद्देश्य अफगानिस्तान और इस क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और विकास को बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय सहयोग और संपर्क को बढ़ाना है और साथ ही आतंकवाद, गरीबी और चरमपंथ समेत आम खतरों का मुकाबला करना होगा।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन से कहा, धमनियों में जमाव बने रहने पर ‘हार्ट ऑफ एशिया’ काम नहीं कर सकता ।भारत एक ऐसे अफगानिस्तान की कल्पना करता है, जो व्यापार, परिवहन, उर्जा और संचार मार्गों से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण केंद्र हो। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान की ओर भी अपना हाथ बढ़ाता है । यह समय है कि हम एक दूसरे के साथ काम करने के लिए परिपक्वता और आत्मविश्वास दिखाएं।
सुषमा ने और क्या-क्या कहा
– भारत और पाकिस्तान के लिए कामकाज में सूझबूझ और आत्मविश्वास दिखाने का समय आ गया है ।
– आतंकवाद और चरमपंथ के बलों को ‘‘किसी भी नाम, रूप या स्वरूप में’’ पनाहगाह या शरणस्थल न मिल पाएं।’ उन्होंने कहा कि धमनियों में जमाव होने पर ‘हार्ट ऑफ एशिया’ काम नहीं कर सकता।
– भारत एक एेसे अफगानिस्तान की कल्पना करता है, जो व्यापार, परिवहन, उर्जा और संचार मार्गों से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण केंद्र हो उन्होंने कहा, ‘‘इस अवसर पर मैं पाकिस्तान की आेर भी हमारा हाथ बढ़ाना चाहूंगी।
लगभग 30 मिनट अफगान राष्ट्रपति से हुई मुलाकात में हुई ये चर्चा
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज यहां अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात की और उनके साथ संपर्क, युद्ध प्रभावित देश पर आतंकी खतरों और शांति एवं पुन:मैत्री प्रक्रिया पर चर्चा की । दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की, जिसमें ट्रांजिट का मुद्दा भी शामिल था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने दोनों नेताओं की तस्वीर के साथ ट्वीट किया, ‘‘मित्रता का एक मजबूत नाता।उन्होंने यह भी कहा कि इस्ताम्बुल प्रक्रिया के प्रति भारत का नजरिया आपसी कारोबार, ट्रांजिट , उर्जा और संचार मार्गो में जुड़ाव और अफगानिस्तान के इन सब का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनते देखने में है ।
शरीफ ने कहा- आतंकवाद हैं सबका दुश्मन
– ”अफगानिस्तान में सब मिलकर शांति लाएं। आतंकवाद सबका दुश्मन है।”दुनिया को अफगानिस्तान में शांति लाने के लिए पाकिस्तान की मदद करनी चाहिए। अफगानिस्तान के विकास के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए।
-“हार्ट ऑफ एशिया” का मकसद इस क्षेत्र के देशों को आपस में जोड़ना और विकास करना है। इस समिट को अफगानिस्तान के मसले के अलावा दुनिया को जोड़ने की एक कोशिश के तौर पर भी देखना जाहिए।
– हम पड़ोसियों से शांतिपूर्ण और अच्छे रिश्ते चाहते हैं। विकास के लिए शांति जरूरी है। पड़ोसी देशों को पीपुल टू पीपुल कॉन्टेक्ट बेहतर बनाना चाहिए।
– अफगानिस्तान एक लोकतांत्रिक देश है और हमारा पड़ोसी है। हम वहां शांति और विकास चाहता हैं।