नफरत के दौर में भी प्यार बांटता हूं मैं

0

रतलाम। त्रिवेणी मेले के आठवें दिन शुक्रवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवियों द्वारा सर्द बयार में प्रस्तुत व्यंग्य के तीर ने माहौल में गरमाहट ला दी। कवियों ने जहां वक्त नफरत के इस दौर में प्यार का संदेश दिया, तो दूसरी ओर वक्त को पहचाने की सीख दी। इसके साथ ही गोमाता का महत्व बताया। वहीं भ्रष्टाचार पर व्यंग्य प्रस्तुत करते हुए आतंकवाद फैलाने वाले पाकिस्तान के रावल पिंडी में तिरंगा लहराने की चेतावनी तक दे दी। इस मौके पर फिल्म राजू राठौड़ के नायक व नायिका मंच पर आए व उन्होंने नृत्य के माध्यम से तालियां बटोरी।
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में सिकंदराबाद (अलीगढ़) के डॉ. विष्णु सक्सेना ने तपती हुई जमी है, जलधार बांटता हूं, पतझर के रास्तों पर मैं बहार बांटता हूं, ये आग का दरिया, जीना भी बहुत मुश्किल, नफरत के दौर में भी मैं प्यार बांटता हूं, कविता की प्रस्तुति दी। साथ ही लटोरी लट्ट (दूंडला), शंकर सुखवाल (कपासन), वाहे गुरु भाटिया (मुंबई), अर्जुन अल्हड़ (चेचर कोटा), धमचक मुलथानी (रतलाम) बृजराजसिंह ब्रज (रतलाम), पार्थ नवीन (प्रतापगढ़) ने कविता के माध्यम से गुदगुदाया, मालवी गीत पर लोगों की दाद बटोरी। देर रात तक श्रोताओं ने सम्मेलन का आनंद लिया।