सोना खरीदने के विकल्प के रूप में लाई सरकारी स्वर्ण बांड योजना को शहर में अच्छा रिस्पांस मिला है। शहरवासियों ने इस सरकारी योजना में निवेश किया और पांच दिन में 25 लाख रुपए से ज्यादा का गोल्ड बांड बिक गया। सरकारी स्वर्ण बांड योजना 18 से 22 जनवरी तक चली। इसमें 2 ग्राम से लेकर 500 ग्राम तक बांड के रूप में सोना खरीदने का विकल्प था। शहरवासियों ने योजना में दिलचस्पी दिखाई और 2 से 10 ग्राम तक बांड में निवेश किया। इससे पांच दिन में शहर में 25 लाख 7 हजार रुपए के गोल्ड बांड बिक गए।
यह है योजना
सरकार सोना खरीदने के विकल्प के रूप में इस योजना को लाई है। इसमें सोने के मूल्य का बांड खरीदने का विकल्प है। इसकी मियाद 8 साल है। इसमें निवेशकों के पास बांड के रूप में 2 से लेकर 500 ग्राम तक सोना खरीदने का विकल्प है। बांड पर बैंक द्वारा 2.75 फीसदी ब्याज भी दिया जाता है।
दूसरी बार में मिला रिस्पांस
वित्त मंत्रालय ने यह स्कीम नवंबर में भी लागू की थी। 5 से 20 नवंबर तक बांड खरीदने का विकल्प था। लेकिन शहर में योजना को रिस्पांस नहीं मिला और कोई भी निवेशक योजना में निवेश करने के लिए आगे नहीं आया। इस पर सरकार ने इसे दोबारा लांच किया। दूसरी बार में योजना को अच्छा रिस्पांस मिला और 25 लाख रुपए से ज्यादा का निवेश हुआ।
सोने की खपत रोकने योजना शुरू
लीड बैंक प्रबंधक आर. के. पिप्पल ने बताया पहले लोग सोना खरीद कर घर में रख लेते थे। इससे सोने की खपत भी ज्यादा होती है। इससे सरकार ने यह योजना शुरू की है। 25 लाख से ज्यादा के सरकारी गोल्ड बांड बिका है।
बांड पर 2.75 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा यह हर 6 महीने में मिलेगा और सीधे अकाउंट में जमा होगा।
बांड की मियाद 8 साल है। इससे 8 साल बाद जब बांड का भुगतान होगा वो उस समय जब सोने के दाम रहेंगे, उसके मुताबिक रहेगा।
जरूरत होने पर पांचवें साल राशि बाहर निकाली जा सकेगी।
बांड के एवज में कभी भी 90 फीसदी तक लोन लिया जा सकता है।
किसी के नाम भी ट्रांसफर किया जा सकता है गोल्ड बांड।