नई दिल्लीः कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने एक ऑनलाइन सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) के जरिए प्रदान की जाने वाली सेवाएं रोक दी हैं। ईपीएफओ का कहना है कि उसने सीएससी की ‘संवेदनशीलता की जांच’ लंबित रहने तक इन सेवाओं को रोका है।
हालांकि ईपीएफओ सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि अंशधारकों से संबंधित सभी आंकड़े, सूचनाएं और जानकारियां पूरी तरह से सुरक्षित हैं। ईपीएफओ ने डाटा लीक होने की अटकलें चल रही है, जो पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद हैं।
डाटा लीक होने की कोई घटना नहीं
संगठन ने कहा कि ईपीएफओ समय-समय पर डाटा की सुरक्षा को लेकर सलाह जारी करता है और कॉमन सर्विस सेटरों को इसी संबध में एक परिपत्र जारी किया गया है। यह परिपत्र उन सेवाओं के बारे में है, जो कॉमन सर्विस सेेंटर के जरिए उपलब्ध कराई जाती हैं। इसका ईपीएफओ के डाटा सेंटर से कुछ लेना-देना नहीं है। ईपीएफओ ने साफ किया है कि डाटा लीक होने की कोई घटना अभी तक सामने नहीं आई है। इसके बावजूद ईपीएफओ ने अपने सर्वर को सुरक्षित रखने के लिए कड़े उपाय किए हैं और सोशल मीडिया पर जारी अटकलों में कोई सच्चाई नहीं है।
देश में लगभग 2 लाख कॉमन सर्विस सेंटर
बता दें कि 4.6 करोड़ कर्मचारी ईपीएफओ के सदस्य हैं। 2.75 करोड़ ईपीएफ खाते आधार से जुड़े हैं। ईपीएफओ के मेंबर्स कॉमर्स सर्विस सेंटर में जॉकर ऑनलाइन क्लेम सहित दूसरी सुविधाओं का फायदा उठा सकते हैं। इसके लिए ईपीएफओ ने देश भर में लगभग 2 लाख कॉमन सर्विस सेंटर से गठजोड़ किया हुआ है।