प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि दावोस में में आखिरी बार 1997 में भारत का प्रधानमंत्री आया था। उस समय हमारी जीडीपी 400 अरब डॉलर से थोड़ी ज्यादा थी। अब यह 6 गुना तक बढ़ चुकी है। उस समय से अब तक दुनिया काफी बदल चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी ने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के प्लेनरी सेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि डाटा संपदा बन गया है। अब डाटा के ग्लोबल फ्लो से नए अवसर बन रहे हैं और साथ में चुनौतियां भी पैदा हो रहीं हैं।
पीएम मोदी ने दुनिया के सामने 3 बड़ी चुनौतियों का जिक्र किया है। पहली बड़ी चुनौती जलवायु परिवर्तन की है। दूसरी बड़ी चुनौती आतंकवाद है और तीसरी बड़ी चुनौती दुनिया के आत्म केंद्रित होने को लेकर है।
पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा समय में आतंकवाद सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। अच्छे या बुरे आंतकवाद के आधार पर आतंकवाद करना गलत है। अच्छा या बुरा आतंकवाद नहीं होता है।
पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबलाइजेशन अपना आकर्षण खो रहा हे। पीएम मोदी ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद जो ग्लोबल ऑर्गनाइजेशन बनाए गए क्या वे आज के समय में लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करते हैं। दूनिया में सरंक्षणवाद की ताकत फिर से बढ़ रही है और संरंक्षणवादी ताकतें सिर उठा रहीं हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र सिर्फ एक राजनीतिक तंत्र नहीं है। यह जीवन का नजरिया और जीवनशैली है। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक ग्रोथ समावेशन में वह ताकत है जिससे सभी के जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है। भारत में डेमोक्रेसी, डेमोग्रॉफी और डायनामिज्म डेवलपमेंट और डेस्टिनी को आकार दे रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि 2025 तक भारत की इकोनॉमी 5 लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी।