केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से लिंक कराने के पीछे एक बड़ी वजह बताई है। मंगलवार को प्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ने के लिए सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के संपर्क में हैं।
एक्सीडेंट कर भागे लोगों को पकड़ लेगी पुलिस
उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से जोड़ने के बाद अगर कोई व्यक्ति नशे में लोगों को कुचलकर किसी और राज्य में भाग जाए तो उसे आसानी से पकड़ा जा सकेगा। उन्होंने आगे कहा कि एक व्यक्ति अपना नाम तो बदल सकता है लेकिन वह उंगलियों के प्रिंट नहीं बदल सकता।
लाइसेंस को लिंक करने की कोई समय अवधि नहीं
आपको बता दें कि, 2017 से ही ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक करने की बात चल रही है। केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक करने के पक्षधर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आधार के साथ ड्राइविंग लाइसेंस को लिंक करने की कोई समय अवधि नहीं दी है।
फर्जी लाइसेंसों पर लगेगी रोक
प्रसाद ने कहा कि केंद्र सरकार के इस कदम का मकसद फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाना है। आधार से जुड़े होने से आपके सारे बायोमीट्रिक डिटेल्स सरकारी एजेंसियां ड्राइविंग लाइसेंस से पता कर सकेंगी। ऐसे में अगर कोई शख्स दो ड्राइविंग लाइसेंस बनाना चाहता है तो उसकी चोरी पकड़ी जाएगी।