मुंबई। रूपए और घरेलू शेयर बाजार पस्त होकर शुक्रवार को जहां फर्श पर आ गिरे वहीं सुरक्षित निवेश की अपनी हैसियत चमकाते हुए सोना 31 हजार के स्तर को पार करता हुआ अर्श पर जा चढ़ा। चांदी भी दमकती हुई 50 हजार रूपए प्रति किलो के करीब पहुंच गई। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने बढते चालू खाता घाटे कोदेखते हुए सोने के आयात पर अंकुश लगाने तथा रूपए की मजबूती के लिए विदेशी मुद्रा की निकासी रोकने के वास्ते हर तरह की जोर आजमाइश कर ली पर यह सारी मशक्त बेमानी साबित हो गई।
रूपया फिसला,बाजार ढहा
विदेशी मुद्राओं की तुलना में तगडे होते डालर के सामने रूपया पस्त होकर 62.05 रूपए प्रति डालर के रिकार्ड निचले स्तर तक फिसल गया। अमेरिका में रोजगार परिदृश्य सुधरने के साथ फेड रिजर्व की ओर सेराहत पैकेज वापसी की संभावना मजबूत होते ही वैश्विक बाजारो में चौतरफा बिकवाली का दौरा चला। यूरोप और एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। भारतीय बाजार भी इससे अछूते नहीं रहे। बाम्बे स्टाक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 770 अंक टूटकर पिछले चार साल की सर्वाधिक एक दिनी गिरावट के साथ 18598.18 अंक के स्तर पर और नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 234.45 अंक गिरकर 5507.85 अंक के स्तर पर रहा। सेंसेक्स में यह पिछेल चार साल की तथा निफ्टी में पिछले दो साल की सर्वाधिक एक दिनी गिरावट रही।
सोना 30 हजारी,बनाया रिकार्ड
शेयर बाजारों के ढहने के साथ ही निवेशकों ने सोने की ओर रूख किया। अंतर्राष्ट्रीय सर्राफा बाजार में सोना एक महीने की सर्वाधिक साप्ताहिक तेजी दर्ज करता हुआ 1372.51 डालर प्रति औंस तक चढ़ा। विदेशों मे तेंजी तथा घरेलू स्तर पर आपूर्ति सख्त होते ही देश में सोने और चांदी ने ऊंची छलांग लगाई। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना शुक्रवार को दो साल की सर्वाधिक एकदिवसीय तेजी 1310 रूपए की बढ़त के साथ 31010 रूपए प्रति दस ग्राम पर रहा। सोना छह महीने के बाद फिर से 31 हजार के पार निकला है। चांदी 3270 रूपए प्रति किलोग्राम तेज होकर 49220 रूपए प्रति किलो पर रही। चांदी में इस साल की यह सर्वाधिक एक दिवसीय तेजी रही।
वित्त मंत्रालय ने कहा
वित्त मंत्रालय का कहना है कि भारत में जो दिख रहा है, वह दुनिया में जो हो रहा है, उसकी वजह से है। अर्थव्यवस्था की स्थिति के हिसाब से जल्द रूपए को एक स्तर मिलेगा। मुद्रा और शेयर बाजार में गिरावट अमेरिकी आंकड़ों की वजह से भी है। आंकड़ों से पता चलता है कि अमेरिका में बेरोजगारी घट रही है, जिससे यह आसार है कि फेडरल रिजर्व जल्द प्रोत्साहन वापस लेना शुरू करेगा। इस चिंता से बाजार प्रभावित हुए।
आगे और अंधेरा
रूपए में ऎतिहासिक गिरावट आगे और चिंता बढ़ाने वाला है। दिग्गज ब्रोकरेज हाउस मॉर्गन स्टैनली ने रेपो रेट में बढ़ोतरी होने की आशंका जताई है। मॉर्गन स्टैनली के मुताबिक अमेरिका में यील्ड बढ़ने और रूपए पर दबाव की वजह से आरबीआई रेपो रेट 0.25 फीसदी बढ़ा सकता है। फोरेक्स एक्सपर्ट एवी राजवड़े के मुताबिक सरकार की गलत नीतियों की वजह से देश का व्यापार घाटा और करंट अकाउंट घाटा बढ़ता जा रहा है। वहीं, ग्रोथ कम होती जा रही है। आगे भी रूपए पर दबाव जारी रहेगा।
आरबीआई के कदम का नकारात्मक असर
आरबीआई ने बुधवार को विदेश में डॉलर ले जाने पर तरह-तरह के अंकुश लगा दिए हैं। अब कोई भी भारतीय नागरिक देश के बाहर सालाना 75000 डॉलर से ज्यादा नहीं ले जा पाएगा। इसके अलावा भारतीय नागरिकों पर देश के बाहर प्रॉपर्टी खरीदने के लिए डॉलर ले जाने पर रोक लगाई गई है। आरबीआई ने कंपनियों के लिए विदेशी निवेश की सीमा घटाई है। अब कोई कंपनी नेटवर्थ का 400 फीसदी के बजाय 100 फीसदी ही निवेश कर सकेगी। साथ ही, आरबीआई ने सोने के आयात पर और सख्ती कर दी है। सोने के सिक्कों के आयात पर रोक लगाई है।