राजस्थान के जोधपुर शहर में फिल्म पद्मावत को लेकर जनता कर्फ्यू खत्म होने जा रहा है. राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद जोधपुर पुलिस कंट्रोल रूम के पास स्थित सिनेमा हॉल सत्यम, राजस्थान का पहला सिनेमा हॉल बनेगा जिसमें फिल्म पदमावत का एक शो दिखाया जाएगा. हालांकि यह बात अलग है कि इस शो में हाईकोर्ट जस्टिस संदीप मेहता और कुछ अन्य न्यायिक अधिकारी ही फिल्म देखेंगे.

दरअसल, फिल्म पद्मावत के निर्माता निदेशक संजय लीला भंसाली, फिल्म अभिनेता रणवीर सिंह और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण पर नागौर जिले के डीडवाणा थाने में एक एफआईआर दर्ज है. विविध अापराधिक धारा 482 के तहत एफआईआर रद्द करवाने को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट जस्टिस संदीप मेहता की कोर्ट में सुनवाई हुई.

सुनवाई के दौरान संजय लीला भंसाली के अधिवक्ता ने कोर्ट में जवाब पेश करते हुए कहां कि वह फिल्म को कोर्ट के समक्ष शनिवार को ही प्रदर्शित करने को तैयार हैं. पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ और डीसीपी पूर्व डॉ अमनदीप कपूर भी कोर्ट में पेश हुए. कोर्ट में कमिश्नर राठौड़ ने कोर्ट से फिल्म प्रदर्शन को लेकर दो सप्ताह का समय मांगा.

इस पर कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताते हुए तल्ख टिप्पणी करते हुए कहां कि जब सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही यह अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया कि इस फिल्म को त्वरित प्रदर्शन की व्यवस्था करें ऐसे में आप दो सप्ताह का समय मांग कर क्या कोर्ट की अवहेलना नहीं कर रहे हैं. जिसके बाद कोर्ट ने आगामी सोमवार यानी 5 फरवरी को फिल्म दिखाने के आदेश दिए हैं.

कोर्ट के समक्ष फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाल के अधिवक्ता ने यह तर्क रखा कि क्योंकि फिल्म हाई रैज्यूलेशन में बनी है तो न्यायिक अकादमी के हॉल में इसका प्रसारण संभव नहीं हैं. जिस पर कोर्ट ने अधिवक्ता की राय ली और पूछा कि आप किस सिनेमा हॉल में फिल्म प्रदर्शन करना चाहते हैं.

इस पर भंसाली के अधिवक्ता ने कहा कि वे सत्यम सिनेमा हॉ में फिल्म प्रदर्शन करना चाहते है. इस पर कोर्ट ने आगामी पांच फरवरी को इस फिल्म के प्रदर्शन के आदेश दिए. अब आगामी पांच फरवरी को फिल्म देखने के बाद कोर्ट में इस मामले आगामी 6 फरवरी को फिर सुनवाई होगी.