सलमान खान को आज 11 साल पुराने हिट एंड रन मामले में मुंबई की सेशंस अदालत में पेश होना होगा। अदालत इस मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करेगी। इससे पहले सेशंस कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला चलाने के फैसले को बरकरार रखा था। अगर सलमान के खिलाफ आरोप साबित होते हैं तो उन्हें दस साल तक की सज़ा हो सकती है।
11 साल पुराने हिट एंड रन मामले में आज सलम…
सलमान खान को आज 11 साल पुराने हिट एंड रन मामले में मुंबई की सेशंस अदालत में पेश होना होगा। अदालत इस मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करेगी। इससे पहले सेशंस कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला चलाने के फैसले को बरकरार रखा था। अगर सलमान के खिलाफ आरोप साबित होते हैं तो उन्हें दस साल तक की सज़ा हो सकती है।
11 साल पुराने हिट एंड रन मामले में आज सलमान के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे। इससे पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के खिलाफ दी गई सलमान की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। सलमान ने बांद्रा कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए मांग की थी कि उनके खिलाफ IPC की धारा 304-A के तहत केस चलाया जाए ताकि दोष साबित होने पर उन्हें अधिकतम दो साल की सजा का सामना करना पड़े लेकिन कोर्ट ने सलमान की याचिका खारिज कर दी और मामले में IPC की धारा 304, पार्ट-2 के तहत केस चलाने का आदेश दिया जिसमें दोषी पाए जाने पर सलमान को अधिकतम 10 साल की सजा भुगतनी पड़ सकती है। कोर्ट ने इस आदेश के साथ ही सलमान पर कोर्ट का समय बर्बाद करने के लिए जुर्माना भी लगाया।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सलमान कोर्ट की कार्रवाई के दौरान हुए सरकारी खर्च का भुगतान करें। आइए अब सिलसिलेवार जानते हैं कि क्या है पूरा मामला और पिछले 11 सालों में कब कब क्या- क्या हुआ…
28 सितंबर साल 2002 को सलमान अपनी गाड़ी लैंड क्रूजर से अपने घर बांद्रा लौट रहे थे। रात करीब दो बजे अमेरिकन बेकरी के पास सलमान की तेज रफ्तार गाड़ी ने फुटपाथ पर सो रहे पांच लोगों को कुचल दिया जिसमें से एक शख्स की मौत हो गई। हादसे के वक्त सलमान गाड़ी चला रहे थे और नशे में थे। गाड़ी में उस वक्त सलमान का सरकारी गनर भी मौजूद था। मामले के बाद कोर्ट ने सलमान के खिलाफ धारा 304 ए के तहत केस चलाया हालांकि बाद में बांद्रा कोर्ट ने 17 गवाहों के बयान के बाद धारा 304 भाग 2 के तहत मामला चलाने का आदेश दिया। सलमान ने बांद्रा कोर्ट के फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील की जिसे कोर्ट ने 23 जून 2013 को खारिज कर दिया।