विवादों को खत्‍म करने के लिए दिया इस्‍तीफा: अश्विनी कुमार

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पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार का दावा है कि सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह दोनों उनके साथ हैं और विवादों से बचने के लिए उन्होंने इस्तीफा दिया है। अश्विनी कुमार ने मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बेवजह का बखेड़ा खड़ा किया गया।

अश्विनी कुमार ने अपनी सफाई पेश करने के लिए एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस बुलाई, इस दौरान पूर्व कानून मंत्री ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्…

विवादों को खत्‍म करने के लिए दिया इस्‍तीफा: अश्विनी कुमार

पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार का दावा है कि सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह दोनों उनके साथ हैं और विवादों से बचने के लिए उन्होंने इस्तीफा दिया है। अश्विनी कुमार ने मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बेवजह का बखेड़ा खड़ा किया गया।

अश्विनी कुमार ने अपनी सफाई पेश करने के लिए एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस बुलाई, इस दौरान पूर्व कानून मंत्री ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की थी। मैंने कोई गलती नहीं की और मेरी नीयत साफ है। मैं बेकसूर हूं।’

इसके साथ ही अश्विनी बोले, ‘मैंने विवाद को खत्म करने के लिए पद से इस्तीफा दिया और इस्तीफा देने का यह मतलब कतई नहीं होता कि कुछ गड़बड़ हुआ है। कभी-कभी कुछ राजनीतिक फैसले जरूरी होते हैं। मैं पार्टी का निष्ठावान सिपाही हूं और सभी मामलों में बेदाग साबित होउंगा। मुझे पूरा यकीन है कि आखिर में इंसाफ और सच्‍चाई की जीत होगी।’

प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान अश्विनी ने हैरान करने वाली एक बात यह भी कही कि प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी के साथ-साथ कांग्रेस के सभी नेताओं का उन्‍हें सपोर्ट है। वह अपने आपको खुशनसीब मानते हैं कि उन्‍हें मनमोहन सिंह की कैबिनेट में रहने का मौका मिला।

क्यों हुई कानून मंत्री की पद से छुट्टी?-26 अप्रैल को कोयला घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामे में पहली बार माना कि स्टेटस रिपोर्ट कानून मंत्रालय, पीएम दफ्तर और कोयला मंत्रालय को दिखाई गई। -1 मई को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल हरिन रावल ने अटॉर्नी जनरल को लिखी चिट्ठी में ये जिक्र किया था कि कानून मंत्री ने रिपोर्ट में बदलाव के सुझाव दिए।-6 मई को सीबीआई ने 9 पेज के अपने हलफनामे में कोर्ट को बताया कि कानून मंत्री ने रिपोर्ट में बदलाव करवाए। -8 मई को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए सीबीआई को पिंजरे में बंद ऐसा तोता बताया जो अपने मालिक की आवाज में बोलता। -नतीजा 1 लाख 86 करोड़ के कोयला घोटाले में सरकार का बचाव करते-करते आखिरकार 10 मई को अश्विनी कुमार की कानून मंत्री के पद से विदाई हो गई।