अब तक कितने दलित या मुस्लिमों को मिला भारत रत्न?-असदुद्दीन ओवैसी

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देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न पर राजनीति गर्माती जा रही है. भारत सरकार द्वारा इस साल तीन लोगों को ये सम्मान देने का ऐलान किया गया, लेकिन कई नेताओं ने इसपर सवाल उठा दिए. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भारत रत्न पर सवाल उठाते हुए कहा कि अभी तक जिन्हें ये सम्मान मिला है, उसमें से कितने दलित-मुस्लिम या आदिवासी हैं.

एक कार्यक्रम में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ’’मुझे ये बताओ कि जितने भारत रत्न के अवॉर्ड दिए हैं उसमें से कितने दलित, आदिवासी, मुसलमानों, गरीबों, ऊंची जाति और ब्राह्मणों को दिए गए?’’ उन्होंने कहा कि बाबा साहेब को भारत रत्न भी दिल से नहीं बल्कि मजबूरी की हालत में दिया गया था. आपको बता दें कि इससे पहले भी कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई अन्य नेताओं ने भारत रत्न पर सवाल उठाए थे.

तीन हस्तियों को मिला भारत रत्न
आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या भारत सरकार की ओर से पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, डॉ. भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को भारत रत्न देने का ऐलान किया गया था. भारत रत्न का ये सम्मान देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो असधारण राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है.

गौरतलब है कि लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इससे पहले भारत रत्न पर सवाल खड़े किए थे. उनका कहना था कि एक गायक और एक शख्स जो RSS की विचारधारा का प्रचार करता था उसे भारत रत्न दिया गया है, यदि आप इनकी तुलना करें, तो शिवकुमार स्वामी जी को अवॉर्ड मिलना चाहिए था.

मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा योगगुरु बाबा रामदेव ने भी कहा था कि पिछले 70 साल में किसी भी हिंदू संत को भारत रत्न क्यों नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि अगर मदर टेरेसा को भारत रत्न से सम्मानित किया जा सकता है तो महर्षि दयानंद और स्वामी विवेकानंद को ये पुरस्कार क्यों नहीं मिलना चाहिए.

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दिए जाने पर कहा था कि एक बार संघ की शाखा में जाओ और भारत रत्न बन जाओ. संजय सिंह का कहना था कि बीजेपी ने भारत रत्न का मजाक बना दिया है.