देश में लोकसभा की 4 और विधानसभा की 10 सीटों पर उपचुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोट डाले जा रहे हैं. इनमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर होने वाला अहम उपचुनाव भी शामिल है. इन उपचुनावों के नतीजे 31 मई को आएंगे.
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक रूप से अहम कैराना सीट के अलावा महाराष्ट्र के भंडारा-गोंदिया और पालघर संसदीय सीटों और नगालैंड लोकसभा सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं. कैराना उपचुनाव में बीजेपी का मुकालबा संयुक्त विपक्ष उम्मीदवार से है. राष्ट्रीय लोकदल की प्रत्याशी तबस्सुम हसन को सपा, कांग्रेस और बसपा का समर्थन हासिल है जबकि बीजेपी ने स्वर्गीय हुकुम सिंह की बेटी मृंगाका सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है.
कैराना लोकसभा सीट बीजेपी सांसद हुकुम सिंह के निधन के बाद से खाली हुई है. 2014 के लोकसभा चुनाव में हुकुम सिंह ने यहां करीब 3 लाख वोटों के अंतर से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को हराया था.
महाराष्ट्र में सभी चार बड़ी पार्टियां कांग्रेस, बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी उपचुनाव के लिए पूरा दम लगा रही हैं क्योंकि इन उपचुनाव के नतीजों का असर भविष्य में देखने को मिल सकता है.
पलुस कादेगांव (महाराष्ट्र), नूरपुर (यूपी), जोकीहाट (बिहार), गोमिया और सिल्ली (झारखंड), चेंगानूर (केरल), अंपति (मेघालय), शाहकोट (पंजाब) थराली (उत्तराखंड) और मेहेशतला (पश्चिम बंगाल) विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव हो रहे हैं.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
महेशतला विधानसभा सीट पर स्वतंत्र, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग की ओर से राज्य सशस्त्र बलों की एक बड़ी टुकड़ी के अलावा केंद्रीय बलों की 10 कंपनियां तैनात की गई हैं. हाल में हुए पंचायत चुनाव में हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है. महेशतला निर्वाचन क्षेत्र पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में है जहां 2,48,855 मतदाता हैं.
जालंधर जिले के शाहकोट विधानसभा सीट होने वाले उपचुनाव के लिए 1022 जवानों को तैनात किया है. इस सीट पर प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस के अलावा मुख्य विपक्षी आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार जोर आजमाइश कर रहे हैं. इस साल फरवरी में वरिष्ठ अकाली नेता और पंजाब सरकार में मंत्री रह चुके कोहाड़ का निधन हो गया था, इस वजह से वहां उप चुनाव कराने की जरूरत पड़ी. उपचुननाव में एक लाख 72 हजार 676 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर कुल 12 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे.