भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने आज सुप्रीम कोर्ट में वह पत्र पेश किए जो उन्होंने कर्नाटक में सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए प्रदेश के राज्यपाल वजूभाई वाला को भेजे थे। कोर्ट ने शनिवार शाम 4 बजे तक भाजपा को बहुमत साबित करने को कहा है। कोर्ट कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए भाजपा को आमंत्रित करने के राज्यपाल के फैसले को चुनौती देने वाली कांग्रेस-जद(एस) की संयुक्त याचिका पर सुनवाई की। कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में गुरुवार को शपथ ले चुके येदियुरप्पा ने न्यायमूर्ति एके सीकरी की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ को बताया कि सबसे बड़े दल के रूप में उभरने वाली भाजपा ही राज्य के लोगों का ‘जनादेश’ है, जिन्होंने कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया है।
स्टिस सीकरी ने पूछा कि किस आधार पर राज्यपाल ने येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्यौता दिया क्योंकि भाजपा ने तो सिर्फ बहुमत होने की बात कही थी। वहीं उन्होंने कांग्रेस और जेडीएस से पूछा कि क्या उन्होंने राज्यपाल को बहुमत की चिट्ठी सौंपी थी। वहीं कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मिलने की समय मांगा है।
येदियुरप्पा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ को सूचित किया कि कांग्रेस और जद(एस) के बीच चुनाव पूर्व कोई गठबंधन नहीं हुआ था और चुनाव के बाद उन्होंने एक ‘‘नापाक’’ गठबंधन बनाया है। गत 12 मई को हुए चुनाव में 104 सीटों के साथ भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी जबकि कांग्रेस को 78 सीटें, जद(एस) को 37 सीटें और अन्य को तीन सीटें मिली हैं।