जम्मू : पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शाम लाल शर्मा ने कहा कि जम्मू और अन्य क्षेत्रों को क्षेत्रीय स्वायत्तता की सख्त जरूरत है क्योंकि इससे ही जम्मू और कश्मीर के तीनों सूबों को न्याय मिलेगा। विशेषकर जम्मू और लद्दाख के साथ भेदभाव खत्म होगा। पूर्व मंत्री शाम लाल शर्मा ने कहा कि सभी क्षेत्रों को क्षेत्रीय स्वायत्तता देने से राज्य को सशक्त बनाने में बहुत मदद मिलेगी। उन्होंने जस्टिस सहगीर के नेतृत्व वाली वर्किंग गु्रप की सिफारिशों का हवाला देते हुए कहा कि गु्रप ने क्षेत्रीय स्वायत्तता परिषद की सिफारिश की थी। राज्य के सभी दलों ने माना कि रीजनल अटानॉमी से तीनों क्षेत्रों को न्याय मिलेगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने कहा कि देर से सही, नैशनल कांफ्रैंस भी राज्य के तीनों क्षेत्रों को क्षेत्रीय स्वायत्तता देने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 और 2014 के विधानसभा चुनावों में क्षेत्रीय स्वायत्तता कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल किया गया था और कांग्रेस ने सदन के अंदर और बाहर जोरदार ढंग से इस मुद्दे को उठाया था। अब जबकि भाजपा और पी.डी.पी. भी क्षेत्रीय स्वायत्तता को लेकर गंभीर दिख रही है और सभी राजनीतिक दल राजी दिख रहे हैं तो ऐसे में देरी करना मुनासिब नहीं है। केंद्र सरकार को चाहिए कि बिना विलम्ब जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के क्षेत्रीय स्वायत्ता को स्वीकृति दें ताकि तीनों खित्तों में अनदेखी की शिकायत खत्म हो और राज्य में अमन शांति बने।
शाम लाल शर्मा ने कहा कि वर्षों से जम्मू खित्ता भेदभाव झेलता आ रहा है। विकास कार्यों के लिए धन के आवंटन में जम्मू क्षेत्र के साथ भेदभाव होता आया है। अब भेदभाव समाप्त होना चाहिए।
शाम लाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के सभी राजनीतिक दल रीजनल अटानॉमी की वकालत कर रहे हैं। कांग्रेस का मानना है कि इससे सभी क्षेत्रों का न्यायसंगत विकास और राजनीतिक सशक्तिकरण होगा। जम्मू क्षेत्र के लोगों की हमेशा से भेदभाव की शिकायत रही है। रीजनल अटॉनामी प्राप्त होने पर न सिर्फ जम्मू रीजन बल्कि सभी क्षेत्रों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि जम्मू क्षेत्र को क्षेत्रीय स्वायत्ता देने के लिए पहली बार सभी पार्टियों के बीच आम सहमति बनी है। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र के लिए अलग अलग धन के आवंटन में केंद्र के लिए अब कोई मुश्किल नहीं होगी। इससे सभी क्षेत्रों की जवाबदेही बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि जम्मू को क्षेत्रीय स्वायत्तता देने के अलावा अब कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। इसलिए केंद्र इसमें कोई देरी न करे।