मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने देश के राजनीतिक नेतृत्व से अपील की है कि वे जम्मू-कश्मीर के दर्द की आवाज सुने और राज्य के लोगों की इससे बाहर निकलने के लिए सहायता करें। राज्य के विभिन्न हिस्सों के युवाओं के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे देश के लिए उचित समय है कि वह राज्य के लोगों को हत्याओं और अनिश्चितता के चक्र से बाहर निकालने में सहायता करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के सबसे शक्तिशाली राजनैतिक कार्यकारी के रूप में राज्य में खून खराबे, जो लगभग 3 दशकों से चल रहा है, पर रोक लगाने की आवश्यकता पर प्रतिक्रिया देकर इस शांति परियोजना को आगे बढ़ा सकते हैं।

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि गठबंधन सरकार के एजैंडे का सब से महत्वपूर्ण भाग शांति और वार्ता है और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस तक जल्द पहुंचा जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य तथा सम्पूर्ण क्षेत्र प्रधानमंत्री से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहल को पुनर्जीवित करने की उम्मीद करते हैं। उन्होंने आशा जताई कि हमारा राज्य अनिश्चितताओं से बाहर निकल आयेगा और प्रगति और विकास के युग में प्रवेश करेगा।

स्वतंत्रता दिवस पर मोदी के भाषण को किया याद
स्वतंत्रता दिवस पर कश्मीर के बारे में प्रधानमंत्री की टिप्पणी को स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि राज्य के मामलों से निपटने के लिए देश में हर एक द्वारा वास्तविकता से कार्य किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मीडिया से प्रशासन, सामरिक समुदाय तथा सुरक्षाबलों हर किसी को इस राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा बनना होगा।जम्मू-कश्मीर में एक सफल शांति प्रक्रिया ही अकेले देश में लोकतंत्र तथा न्याय के उद्देश्य को पूरा कर सकती है।

युवा समाज के प्रतिनिधि
युवाओं को समाज का खजाना बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवा लडक़े एवं लडकियों ने कठिन समय के बावजूद बड़ी सफलता की कहानी लिखी है और उनमें से कई देश और दुनियाभर में अपनी क्षमता साबित कर रहे है। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा ही केवल शांति और सौहार्द के माहौल में बेहतर हो सकती है। उन्होंने कहा कि समकालीन दुनिया में मुद्दों को हल करने के लिए हिंसा ने प्रासंगिकता खो दी है।