पाकिस्तान के कायराना हमले से देश गुस्से में है। शहीद जवानों के घर पर मातम है, लेकिन बिहार के सीएम नीतीश कुमार इतना कुछ हो जाने के बावजूद पाकिस्तान से दोस्ती का राग अलाप रहे हैं। जब पूरा देश गुस्से में शहीद जवानों के साथ खड़ा है और धोखेबाज पाक पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है, तब नीतीश कुमार का ऐसा बयान चौकाने वाला है।

बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश क…

पाकिस्तान के कायराना हमले से देश गुस्से में है। शहीद जवानों के घर पर मातम है, लेकिन बिहार के सीएम नीतीश कुमार इतना कुछ हो जाने के बावजूद पाकिस्तान से दोस्ती का राग अलाप रहे हैं। जब पूरा देश गुस्से में शहीद जवानों के साथ खड़ा है और धोखेबाज पाक पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है, तब नीतीश कुमार का ऐसा बयान चौकाने वाला है।

बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है, ‘नवाब शरीफ भारत से अच्‍छे संबंध रखना चाहते हैं। अभी वहां नई सरकार बनी है, हमें उन्‍हें समय देना चाहिए।’

बिहार के छपरा में मातम, आरा में भी गुस्से की लहर, दानापुर में भी ना’पाक’ करतूत से मातम। मातम में डूबे इन लोगों के इस गुस्से और दुख से बिहार के सीएम नीतीश कुमार कुछ अलग ही राय रखते हैं। क्या बिहार के सीएम को नापाक हमले की हकीकत नहीं मालूम? क्या अपने ही सूबे के गम में डूबे हुए इन लोगों के आंसू और दर्द की नीतीश को परवाह नहीं? इतने बड़े विश्वासघात और नापाक करतूत के बावजूद नीतीश किस मुगालते में हैं? यह समझना वाकई बहुत मुश्किल है, हालांकि बीजेपी ने भी मौका लपकने में कोई देरी नहीं की और नीतीश को कांग्रेसी मानसिकता से ग्रसित करार दिया।

देश को मिले इस दर्द पर यह वक्त राजनीति का नहीं है, लेकिन ऐसे वक्त में नीतीश की नरमी कहीं ना कहीं यह सवाल जरूर उठा गई कि आखिर कब तक हमारे राजनेता नापाक करतूतों पर नरमी दिखाते रहेंगे। अवाम भी यही पूछ रही है, आखिर कब जागेंगे हम…?

By parshv