मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि ईडी मुख्यालय में लॉकअप खाली न होने की वजह से डीके शिवकुमार को तुगलक रोड पुलिस स्टेशन शिफ्ट किया गया है. जिसके चलते उनकी रात तुगलक रोड पुलिस थाने में गुजरेगी. वहीं सुबह डीके शिवकुमार को ईडी मुख्यालय भेजा जाएगा.
कर्नाटक के बड़े नेता डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी के बाद से ही जगह-जगह प्रदर्शन किया जा रहा है. इस बीच दिल्ली में आरएमएल अस्पताल के बाहर डीके शिवकुमार का एक समर्थक रोने लगा और अपनी शर्ट तक फाड़ ली. वहीं दूसरी जगहों पर बसों में भी तोड़-फोड़ की गई.
दरअसल, मंगलवार को डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी दिल्ली से हुई है. शाम के वक्त जब डीके शिवकुमार को गिरफ्तार कर राम मनोहर लोहिया अस्पताल मेडिकल के लिए ले जाया जा रहा था, तब ईडी के दफ्तर पर डीके शिवकुमार के तमाम समर्थक इकट्ठा हुए और गिरफ्तारी का विरोध करने लगे. यहां तक कि डीके शिवकुमार को ले जाने में काफी दिक्कतें झेलनी पड़ी.
समर्थकों ने पुलिस की गाड़ी पर हाथ भी मारे. कई समर्थकों की आंखों में आंसू थे. वे रो रहे थे और डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे. डी के शिवकुमार का राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मेडिकल कराया गया. इस बीच आरएमएल अस्पताल के बाहर एक समर्थक ने अपनी शर्ट भी फाड़ ली.
बस में तोड़-फोड़
दूसरी तरफ बेंगलुरु और बेलागाम में डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी के विरोध में बसों में तोड़-फोड़ की गई. यहां तक की बसों के शीशे तक भी तोड़ दिए गए. वहीं डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस धरना देगी.
क्या है मामला?
डीके शिवकुमार 2016 में नोटबंदी के बाद से ही आयकर विभाग और ईडी के रडार पर हैं. उनके नई दिल्ली स्थित फ्लैट से साल 2017 में आयकर विभाग की तलाशी के दौरान 8.59 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की थी. इसके बाद आयकर विभाग ने कांग्रेस नेता और उनके चार अन्य सहयोगियों के खिलाफ आयकर अधिनियम 1961 की धारा 277 और 278 के तहत और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 (बी), 193 और 199 के तहत मामले दर्ज किए. आयकर विभाग के आरोप-पत्र के आधार पर ईडी ने शिवकुमार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया.