विपक्षी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नैकां) के कार्यवाहक अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने जम्मू क्षेत्र में आईआईएम स्थापित करने के केंद्र के फैसले को ‘खुल्लम-खुल्ला पक्षपातपूर्ण राजनीति’ करार दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि जम्मू को आईआईटी और आईआईएम भी मिला है। वे सभी आवाजें कहां हैं जो जम्मू कश्मीर के संतुलित विकास के लिए उठती थीं।

वह जम्मू क्षेत्र में भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) स्थापित करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे। इससे पहले जम्मू क्षेत्र के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की स्थापना की गई थी
उमर ने कहा कि जम्मू के लिए आईआईएम स्थापित करने को मंजूरी देने का फैसला भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार से हम जिस खुल्लम-खुल्ला पक्षपातपूर्ण राजनीति की अपेक्षा कर रहे थे, उसी तरह का है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि राज्य का इतना हिस्सा आज अशांत है।

नेशनल कान्फ्रेंस के नेता ने कहा कि जब कश्मीर को एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिया गया था तो जम्मू ने भी एक एम्स स्थापित किए जाने की मांग को लेकर सफ लतापूर्वक आंदोलन किया था।
उन्होंने कहा कि अब यह पक्षपात क्यों? और मुझे यह न बताएं कि बाहरी कैंपस पर्याप्त हैं क्योंकि ऐसा था तो आईआईएम कश्मीर में स्थापित होता और बाहरी कैंपस जम्मू में स्थापित किया जा सकता था।

उमर ने महबूबा पर करारा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता में बने रहने के लिए अपनी आत्मा बेच दी है। उमर ने कहा, मुझे महसूस होता है कि महबूबा मुफ्ती ने सत्ता में बने रहने के लिए अपना राजनैतिक एजेंडा बेच दिया है, लेकिन मैंने यह महसूस किया कि उन्होंने अपनी आत्मा भी बेच डाली है।

By parshv