भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव वरूण गांधी को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह में अटल बिहारी की छवि दिखाई देती है। वरूण ने अपनी मां मेनका गांधी के संसदीय क्षेत्र आंवला में पडने वाले देवचरा अनाज मंडी मैदान पर बुधवार को आयोजित पार्टी की स्वाभिमान रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘इसमें दो राय नहीं कि राजनाथ सिंह में अटल की छवि दिखाई देती है।पार्टी के… वरूण गांधी को राजनाथ में नजर आती है अटल की छवि

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव वरूण गांधी को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह में अटल बिहारी की छवि दिखाई देती है। वरूण ने अपनी मां मेनका गांधी के संसदीय क्षेत्र आंवला में पडने वाले देवचरा अनाज मंडी मैदान पर बुधवार को आयोजित पार्टी की स्वाभिमान रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘इसमें दो राय नहीं कि राजनाथ सिंह में अटल की छवि दिखाई देती है।पार्टी के युवा महासचिव वरूण ने इससे पूर्व कहा, ‘राजनाथ सिंह बेदाग छवि के नेता हैं। उत्तर प्रदेश के पुत्र हैं और उत्तर प्रदेश के लोगों की यह जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे बेदाग पुत्र का साथ दें, ताकि राष्ट्रीय राजनीति में स्वच्छ छवि के लोग सत्ता में आए।हालांकि हमारा लक्ष्य सत्ता नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन है। यह अपने आप में बडी बात है कि राजनाथ दोबारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं और इसलिए उत्तर प्रदेश के लोगों की जिम्मेदारी और भी बढ जाती है।तारीफ तो राजनाथ की वरुण ने की, लेकिन इससे कई सवाल भी उठ खड़े हुए। पहली बार बीजेपी में किसी ने राजनाथ की तुलना अटल से की और खुलकर राजनाथ को सबसे बेहतर बताया है। इस बयान के कई मायने साफ नजर आते हैं, अटल से बेहतर बीजेपी नेता किसी को भी नहीं मानते लिहाजा वरुण के बयान पर यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या राजनाथ बीजेपी में सबसे बेहतर हैं? क्या मिशन 2014 में राजनाथ पीएम पद उम्मीदवार के तौर पर उभरेंगे? क्या राजनाथ मोदी से आगे निकलने की कोशिश में हैं या फिर यह पीएम पद को लेकर बीजेपी में बढ़ी गुटबाजी का नतीजा तो नहीं?बीजेपी नेता फिलहाल साफ साफ भले ही कुछ ना बोलें, लेकिन विरोधियों को तो मौका बैठे बिठाए इस बयान ने थमा ही दिया। उधर मोदी के नाम पर कई बार नाराजगी जता चुकी जेडीयू भी इशारों इशारों में खुश नजर आई कि बीजेपी में कोई तो है जिसे कोई मोदी से बेहतर नजर आता है।बीजेपी के सहयोगी भले ही खुलकर फिलहाल कुछ नहीं बोल रहे हों, लेकिन यह साफ है कि जिस तरह से राजनाथ की तारीफ में वरुण ने कसीदे पढ़े हैं, उसके सियासी मतलब तो जरूर हैं जिसपर से पर्दा उठने में अभी थोड़ा और वक्त लगेगा

By parshv