शिवसेना भी राहुल के समर्थन में उतरी

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पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई के मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों से संपर्क साधने वाले बयान को लेकर भले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी चौतरफा ‌घिरे हों, लेकिन उन्हें अब ऐसे राजनीतिक दल से समर्थन मिला है, जिसकी उम्मीद उन्हें नहीं रही होगी।

सोमवार को ‌भाजपा की पुरानी साथी शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में लिखा कि राहुल, जो अक्सर हंसाने वाले बयान देते हैं, अनजाने में सच बोल गए हैं।

अखबार में छपे एक संपादकीय में कहा गया है, “युवराज ने देश में कट्टरपंथी मुस्लिमों को लेकर जो बयान दिया है, उसे लेकर हैरत नहीं होनी चाहिए।” मुखपत्र में संपादन उद्धव ठाकरे करते हैं।

पार्टी का कहना है कि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे जैसे हिंदुत्व नेता पहले भी भारत में आईएसआई की गतिविधियों के बारे में पर्दा हटाते रहे हैं।

संपादकीय में कहा गया है कि आईएसआई देश में होने वाले सभी सांप्रदायिक दंगों और आतंकवादी गतिव‌िधियों में शामिल होती है। वे मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथियों में बदलकर उन्हें राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करती रही है।

आरएसएस ने भी ठहराया था राहुल को सही
इससे पहले आरएसएस ने भी राहुल का समर्थन किया था। हालांकि, भाजपा ने इस मामले में कड़ा विरोध जताते हुए राहुल के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकिर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

संघ ने कहा है कि मुजफ्फरनगर के दंगा प्रभावित इलाकों के मुसलिम युवाओं को आईएसआई की ओर से लुभाने की कोशिश से जुड़ा राहुल का बयान एक हद तक ठीक है।

संघ ने यह भी कहा कि ऐसे युवकों को गलत राह पर जाने से देने से रोकने के लिए यूपीए सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए। आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसाबले ने कहा कि एक सांसद होने के नाते राहुल को सूचनाएं हासिल करने का हक है।

इसी के चलते उनके पास आईएसआई के सक्रिय होने की खबर हो सकती है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन यदि यह सूचना सही तो सरकार इस पर तुरंत कदम उठाना चाहिए।