सरकार ने भगोड़े मेहुल चोकसी के भारतीय नागरिकता छोड़ने पर दिया ये बयान

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पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक मेहुल चोकसी के भारतीय नागरिकता छोड़ने पर सरकार की तरफ से पहला बयान आया है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस पर कहा है कि ‘हमारी सरकार ने ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक 2018′ पास किया है। जो भाग गए हैं उन्हें वापस लाया जाएगा। इसमें हालांकि कुछ समय लग सकता है, लेकिन हम उन्हें वापस ले आएंगे।’

करोड़ों रुपए का बैंक कर्ज़ लेकर फरार मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ एंड बारबूडा की नागरिकता लेने के बाद भारतीय नागरिकता छोड़ दी है। उसने गुयाना स्थित भारतीय उच्चायोग में अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करा दिया है। सूत्रों ने नई दिल्ली में बताया कि भारत सरकार चोकसी को देश में वापस लाने के लिये एंटीगुआ एंड बारबूडा की सरकार के साथ कूटनीतिक और कानूनी प्रयास जारी रखेगी।

कई माह पहले चोकसी के एंटीगुआ एंड बारबूडा की नागरिकता लेने की रिपोर्ट्स आयीं थीं लेकिन उसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी थी। जब भी कोई भारतीय नागरिक विदेशी नागरिकता ग्रहण करता है तो वह भारतीय पासपोर्ट को भारतीय मिशन में जमा करा देता है। इस प्रकार से चोकसी की नागरिकता को लेकर अटकलें खत्म हो गयी हैं।

पिछले साल जनवरी में भारत छोड़कर भागा था
पिछले साल जनवरी माह में पीएनबी घोटाला खुलने की भनक के बाद मेहुल चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी फरार हो गए थे। उन दोनों के फरार होने के बाद घोटाला देश के सामने आया था। चोकसी ने मुंबई की एक कोर्ट से दिसंबर 2018 में लिखित में कहा था कि वह एंटीगुआ से 41 घंटे की यात्रा कर भारत नहीं आ सकता। इसके लिए उसने अपनी खराब सेहत का हवाला दिया था। घोटाला सामने आने के बाद कई बार जांच एजेंसियां और कोर्ट द्वारा उन्हें समन भेजा जा चुका है लेकिन दोनों में से कोई भी वापस नहीं लौटा है।

4,765 करोड़ रुपये तक जब्ती हो चुकी है
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस माह के पहले सप्ताह में भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजलि समूह की थाईलैंड में स्थित 1314 करोड़ रुपये कीमत की एक फैक्टरी को कुर्क कर लिया था। ईडी ने कहा था कि इस कुर्की के साथ पीएनबी घोटाले में की गई कुर्की व जब्ती करीब 4,765 करोड़ रुपये तक की हो गई है। आगे की जांच जारी है।