नई दिल्ली। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी अखबार में सर्जिकल स्ट्राइक को झूठा बताने वाली एक रिपोर्ट को खारिज किया। एक पाकिस्तानी अखबार में खबर छपी थी कि भारतीय विदेश सचिव ने स्वीकार किया है कि 29 सितंबर को भारतीय सेना ने एलओसी पर कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की है।
पाकिस्तानी अखबार ने छापी मनगढंत रिपोर्ट: विकास स्वरूप
पाकिस्तानी अखबर द न्यूज इंटरनेशनल में छपी इस खबर में लिखा गया था कि भारत के विदेश मामलों के सचिव एस जयशंकर ने इंडिया में जर्मनी के एम्बेसेडर डॉ. मार्टिन ने से हुई मुलाकात में बताया है कि सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई। अखबार ने आगे लिखा है कि ये जानकारी बर्लिन में पाकिस्तान एंबेसी के अधिकारियों को एक आधिकारिक मीटिंग में दी गई। पाकिस्तानी अखबार में छपी इस रिपोर्ट को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने पूरी तरह से मनगढंत और निराधार बताया है।
भारतीय मीडिया साबित कर चुका है सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी
विकास स्वरूप ने शुक्रवार को दिए गए एक बयान में बताया कि जर्मन राजदूत डी मार्टिन विदेशी प्रतिनिधियों के समूह में थे। इन सभी को 29 सितंबर को हुई सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी दी गई थी। उसके बाद उनकी मार्टिन से इस बारे में कोई मुलाकात या बातचीत नहीं हुई। बता दें कि पाकिस्तान भारत की ओर से पीओके में हुई सर्जिकल स्ट्राइक को शुरू से नकार रहा है। कुछ राजनेताओं ने भी सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत देने की मांग की थी। भारतीय मीडिया ने अपने स्तर पर इस बात को साबित भी कर दिया है कि सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी। चश्मदीद बता चुके हैं कि 29 सितंबर की रात को सीमा पर उन्होंने गोलियों और धमाकों की आवाज सुनी है। कुछ शव ट्रकों में लादकर भी ले जाए गए थे।