सोमवार को विपक्षी दलों की बैठक हुई. मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी सरकार के खिलाफ महागठबंधन बनाना था. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को छोड़कर लगभग सभी विपक्षी दल बैठक में शामिल हुए. बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मीडिया को संबोधित किया और कहा कि हमें उन ताकतों के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना है जो हमारे संविधान को नकारने में लगी हैं और लोकतंत्र का मजाक बना रही हैं.

राहुल गांधी ने कहा, ‘हिंदुस्तान में ऐसी सरकार चाहिए जो कामगारों, किसान और खेतिहर मजदूरों की फिक्र करे, उनके दर्द और परेशानियों को समझे. देश को ऐसी सरकार की जरूरत है जो समाज के हर वर्ग को सस्ती और आसान शिक्षा मुहैया करा सके. सरकार ऐसी हो जो युवाओं के सपने साकार कर सके और उन्हें रोजगार दे सके.’

राहुल गांधी ने कहा, ‘देश को ऐसी सरकार चाहिए जो समाज के कमजोर, वंचित, पिछड़ी जाति, जनजाति, ओबीसी, महिला और अल्पसंख्यकों को शक्तियां प्रदान करे ताकि लोग पूर्ण सुरक्षा और मर्यादा के साथ जीवन गुजार सकें.’ उन्होंने कहा, ‘देश को एक ऐसी सच्ची सरकार चाहिए जो भ्रांतियां न फैलाए और न ही फर्जी वादे करे. सरकार ऐसी हो जो संस्थाओं की आजादी का सम्मान करे और लोगों के अंदर बैठे भय को दूर करने की कोशिश करे.’

रिजर्व बैंक को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘मोदी सरकार ने रिजर्व बैंक की आजादी पर हमला किया जिसका नतीजा हुआ कि उसके गवर्नर को इस्तीफा देना पड़ गया. सरकार की ओर से लाए गए मुट्ठी भर लोग नीतियों और रिजर्व बैंक की संस्थागत अखंडता पर नियंत्रण करना चाहते हैं.जबकि देश को ऐसी सरकार की जरूरत है जो तेज आर्थिक गति के लिए कृतसंकल्प हो. ऐसी अर्थव्यवस्था जो समेकित विकास दे और ऐसी वृद्धि लाए जिससे लोगों और राज्यों में परस्पर कोई असमानता पैदा न हो.’

राहुल गांधी ने कहा, ‘हमारे देश को ऐसी सरकार चाहिए जो लोगों के संसाधनों को न लूटे, ऐसी सरकार जो बैंकिंग सिस्टम को एनपीए में फंसा कर क्रोनी पूंजीवाद को बढ़ावा न दे. राफेल जैसे घोटालों पर पर्दा न डाला जाए और ऐसा भी न हो कि बैंक का पैसा लेकर डिफॉल्टर देश छोड़कर भाग जाएं.’ उन्होंने कहा, ‘हमें ऐसी सरकार चाहिए जो नोटबंदी और जीएसटी के गलत क्रियान्वयन से तबाह छोटे और मंझोले उद्योगों को संभाल सके. अगली सरकार जो भी बने, वह कारोबारियों और व्यवसायियों का उत्पीड़न करने वाली न हो और उद्योगपति खुले मन से अपना काम कर सकें.’

राहुल गांधी ने कहा कि हमें वैसी सरकार नहीं चाहिए जो अतीत में उलझी रहे, इतिहास दोबारा लिखने और उसके साथ छेड़छाड़ करने और शहरों-सड़कों के नाम बदलने में मशगूल रहे. हमें ऐसी सरकार चाहिए जो लोगों की बात सुने न कि सिर्फ अपनी कहे. हमें ऐसी सरकार चाहिए जो लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखे और उसे समझे.