जिस तरह उत्तर भारत में अचानक तेज आंधी और तूफान आया है, दक्षिण भारत में भी राजनीतिक तूफान ने अपनी रफ्तार बदली है. कर्नाटक में बीजेपी ने भले ही सरकार बना ली हो, लेकिन बहुमत साबित करने को लेकर अभी भी कोशिशें जारी हैं. बताया जा रहा है कि रिजॉर्ट में रुके हुए सभी कांग्रेस विधायक आज रात ही कोच्चि रवाना हो सकते हैं.

कर्नाटक में मौजूद सीनियर कांग्रेस नेताओं गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत ने जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी के साथ ईगलटन रिजॉर्ट में लंबी मीटिंग की. बैठक में पूर्व सीएम और कांग्रेसी नेता सिद्धारमैया भी मौजूद रहे. बैठक के बाद कुमारस्वामी ने कहा है कि जेडीएस का कोई भी विधायक आज कहीं नहीं जाएगा. कांग्रेस को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट बहुमत साबित करने के समय को घटाएगा, इसलिए वह रिजॉर्ट छोड़ रहे हैं. अब वह सीधे वोट डालने के लिए ही आएंगे.

विधायकों को आ रहे धमकी भरे फोन
बेंगलुरु में मौजूद कांग्रेस की विधायक यशोमती ठाकुर का कहना है कि उनसे सारी पुलिस सुरक्षा वापस ले ली गई है. हमारे विधायकों को धमकी भरे फोन आ रहे हैं, फ्लाइट की भी परमिशन नहीं मिल रही है, क्या हम सच में लोकतंत्र में रह रहे हैं.

रिजॉर्ट में घुस गए थे बीजेपी नेता
कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी ने आरोप लगाया है कि कुछ बीजेपी नेता रिजॉर्ट में आ गए थे और विधायकों से बातचीत करने की कोशिश कर रहे थे. यही कारण है कि वह रिजॉर्ट छोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं लेंगे, हम लोग जल्द ही यहां से जाएंगे लेकिन कहां जाएंगे ये तय नहीं है. उन्होंने बताया कि जो दो विधायक अभी यहां पर नहीं हैं वह हमारे टच में हैं.

कांग्रेस-जेडीएस के विधायक हो सकते हैं शिफ्ट
कांग्रेस और जेडीएस अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन वह कब तक ऐसा कर पाएंगी ये अभी साफ नहीं है. इस बीच कांग्रेस और जेडीएस अपने विधायकों को बेंगलुरु से कोच्चि शिफ्ट कर सकते हैं.

कांग्रेसी आनंद सिंह ने छोड़ा पार्टी का साथ
इस बीच सूत्रों की मानें तो कांग्रेस विधायक आनंद सिंह अब पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं. आनंद सिंह ने इस बारे में पार्टी को भी कह दिया है. हालांकि, आनंद सिंह बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे. लेकिन अपने पद से इस्तीफा दे देंगे. साफ है कि अगर आनंद सिंह इस्तीफा देंगे, तो फिर बहुमत के आंकड़े के लिए संख्या में थोड़ा फेरबदल हो सकता है.

बेंगलुरु से शिफ्ट होंगे विधायक
इस बीच कांग्रेस और जेडीएस अपने सभी विधायकों को बेंगलुरु से किसी और स्थान पर शिफ्ट कर सकती है. उम्मीद जताई जा रही है कि आज रात ही दोनों पार्टियों के विधायकों को बारी-बारी से कोच्चि ले जाया जा सकता है. गौरतलब है कि जेडीएस के विधायक बेंगलुरु के होटल शंगरी-ला में रुके हुए हैं. बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधायक कोच्चि के क्राउन प्लाज़ा होटल में रुकेंगे, इसके लिए सभी तैयारियां भी की जा रही हैं.

DGCA से नहीं मिली परमिशन
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के विधायक प्राइवेट प्लेन के जरिए किसी पड़ोसी राज्य में शिफ्ट होने की सोच रहे थे. लेकिन उन्हें DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने परमिशन नहीं दी है.

इन जगहों पर भी हो रहा है विचार
कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार का कहना है कि सभी बड़े नेता इस बात पर फैसला करेंगे कि विधायकों को कहां पर ले जाया जाएगा. उन्होंने कहा कि विधायकों को आंध्र प्रदेश, विशाखापट्टनम, पंजाब, कोच्चि या फिर दिल्ली में राष्ट्रपति भवन भी ले जाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी ने हमें बताया कि उनके विधायकों को IT और ED की धमकियां दी जा रही हैं.

केरल जाएंगे जेडीएस विधायक
जेडीएस के नेता बस्वराज का कहना है कि उनके सभी विधायक जल्द ही बेंगलुरु से शिफ्ट होंगे. उन्होंने कहा कि हम लोग केरल जा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस का हमें पता नहीं है. जेडीएस नेता का कहना है कि वह आज रात ही बेंगलुरु से जा सकते है, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही आगे की रणनीति पर काम किया जाएगा. आपको बता दें कि जेडीएस के विधायक 5 स्टार होटल शंगरी-ला में रुके हुए हैं.

येदियुरप्पा सरकार ने बदला एसपी
बता दें कि बुधवार शाम से ही कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी विधायकों को बेंगलुरु के इग्लटन रिजॉर्ट में रखा हुआ है. हालांकि, बताया जा रहा है कि करीब 2-3 विधायक अभी तक पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं. दूसरी ओर जिस जगह पर ये रिजॉर्ट है, वहां के अधिकारियों को ही बदल दिया गया है. नई नवेली येदियुरप्पा सरकार ने रामनगर जिले के एसपी को बदल दिया है.

मठ पहुंचे येदियुरप्पा
वहीं मुख्यमंत्री बी. एस येदियुप्पा ने बुधवार सुबह शपथ ली, जिसके बाद शाम को वह सिद्धगंगा मठ पहुंचे. यहां उन्होंने मठ के प्रमुख 111 वर्षीय शिवकुमार स्वामी से आशीर्वाद लिया. गौरतलब है कि लगातार इस प्रकार की खबरें भी आ रही थीं कि बीजेपी कांग्रेस के लिंगायत विधायकों के संपर्क में है. और इसी कड़ी में वह मठों का सहारा ले सकती है.