रूसी राष्‍ट्रपति ब्‍लादिमीर पुतिन ने अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष मून जे-इन से बुधवार को बात की जिसके बाद उन्‍होंने उत्‍तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण की निंदा की और संकट के समाधान की कोशिश के लिए वार्ता के लिए कहा। पुतिन ने कहा कि सैन्य उन्माद पर सख्‍ती से वैश्विक तबाही हो सकती है।

व्‍लादिवोस्‍तोक में पुतिन ने कहा कि उत्‍तर कोरियाई संकट को केवल प्रतिबंध लगाने या दबाव बनाने से खत्‍म करना संभव नहीं है। उन्‍होंने कहा कि प्‍योंगयांग का परमाणु व मिसाइल प्रोग्राम संयुक्‍त राष्‍ट्र के संकल्‍पों का बड़ा उल्‍लंघन था। उनके दक्षिण कोरियाई समकक्ष के साथ संयुक्‍त संवाददाता सम्‍मेलन में पुतिन ने कहा, ‘राजनीतिक और कूटनीतिक हथियार के बगैर मौजूदा हालात में राह बनाना असंभव है।‘

सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने उत्‍तर कोरियाई नेता किम जोंग उन पर आरोप लगाते हुए कहा कि परमाणु बमों और मिसाइल परीक्षणों के साथ युद्ध को बुलावा दे रहे हैं। उन्‍होंने 15 सदस्‍यीय सुरक्षा परिषद से सभी संभव प्रतिबंध लगाने का आग्रह करते हुए कहा कि उत्‍तर कोरिया के सभी सहयोगी व्‍यापार करने वाले देशों पर भी रोक लगा देना चाहिए। जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने भी समर्थन करते हुए कहा कि उत्तर कोरिया के लगातार ‘अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के उल्लंघन’ के बाद उसे जवाब देने के लिए कड़े प्रतिबंधों की ज़रूरत है।

वहीं जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने व्‍लादिवोस्‍तोक में पुतिन और मून के साथ बातचीत के दौरान बुधवार को कहा कि वे चाहते हैं कि उत्‍तर कोरिया इस बात को समझ जाए कि जिस राह पर चल रहा है वहां उसका उज्‍जवल भविष्‍य नहीं है।