सूफी संत लाल शहबाज कलंदर की दरगाह पर गुरुवार को आत्मघाती धमाके में 100 लोगों की मौत हो गई। 250 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए। दरगाह पाकिस्तान के सिंध प्रांत के सेहवन शहर में स्थित है। प्रत्येक गुरुवार को दरगाह पर भारी भीड़ होती है।
इस हफ्ते पाकिस्तान में हुआ यह पांचवां बड़ा आतंकी हमला है। इससे पहले लाहौर, क्वेटा, पेशावर और मोहमंद कबायली इलाके में इसी तरह आत्मघाती धमाका हुआ था। पुलिस के अनुसार आत्मघाती हमलावर ने दरगाह में खुद को उस वक्त उड़ाया जब धमाल (एक सूफी रस्म) निभाई जा रही थी। तालुका अस्पताल अधीक्षक के हवाले से डॉन ने बताया है कि कम से कम 30 शव और सौ से ज्यादा घायल अस्पताल लाए गए हैं। क्षेत्र के सभी अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है
गंभीर रूप से घायलों को लियाकत मेडिकल कॉम्प्लेक्स और उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल से सबसे करीब अस्पताल 40 से 50 किमी की दूरी पर होने के कारण कई लोगों ने समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण दम तोड़ दिया। बीबीसी के अनुसार आत्मघाती हमलावर ने गोल्डन गेट से दाखिल होने के बाद खुद को उड़ा लिया। हमलावर के महिला होने की आशंका है, क्योंकि धमाका दरगाह के जिस हिस्से में हुआ वहां महिला जायरीन जमा थीं।
चश्मदीदों ने बताया कि दरगाह में दो दरवाजे हैं। लेकिन, एक ही दरवाजे पर मेटल डिटेक्टर लगा है। वह भी खराब था। धमाके के बाद पुलिस भी घटनास्थल पर देर से पहुंची जिसके कारण हालात ज्यादा खराब हो गए। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने हमले की निंदा की है। गौरतलब है कि पाकिस्तान में सूफी संप्रदाय के लोगों को निशाना बनाकर अक्सर हमले होते रहते हैं। लाल शहबाज कलंदर प्रसिद्ध सूफी दार्शनिक और कवि रहे हैं। कई कव्वाली में भी उनका जिक्र आता है।