बांग्लादेश: बिल्डिंग हादसे में मरने वालों की संख्या 900 पहुंची

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बांग्‍लादेश में पिछले महीने ध्वस्त हुई आठ मंजिला बिल्डिंग के मलबे से बचाव और राहतकर्मियों द्वारा 80 और शव निकालने के बाद इस सबसे बड़े औद्योगिक हादसे में मरने वालों की कुल संख्या गुरुवार को 900 के करीब पहुंच गई है।सेना के नेतृत्व में राहत अभियान का आज 16वां दिन है। एक अधिकारी ने बताया, ‘मरने वालों की कुल संख्या अब 892 हो गई है।’ उधर स्थानीय मीडिया न… बांग्लादेश: बिल्डिंग हादसे में मरने वालों की संख्या 900 पहुंची

बांग्‍लादेश में पिछले महीने ध्वस्त हुई आठ मंजिला बिल्डिंग के मलबे से बचाव और राहतकर्मियों द्वारा 80 और शव निकालने के बाद इस सबसे बड़े औद्योगिक हादसे में मरने वालों की कुल संख्या गुरुवार को 900 के करीब पहुंच गई है।सेना के नेतृत्व में राहत अभियान का आज 16वां दिन है। एक अधिकारी ने बताया, ‘मरने वालों की कुल संख्या अब 892 हो गई है।’ उधर स्थानीय मीडिया ने खबर दी है कि अवैध रूप से बनी इमारत राणा प्लाजा के मलबे में अब भी सैकड़ों शव फंसे हैं, क्योंकि कई लोग अब भी लापता हैं।बता दें कि राजधानी ढाका के निकट स्थित सावर की इस इमारत में कपड़ों की पांच फैक्ट्रियां थीं और यह 24 अप्रैल को ढह गई थी। यह अब तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि हादसे के दिन इसमें कितने लोग मौजूद थे।कुछ समय पहले मुंबई में भी एक बिल्डिंग हादसे का शिकार हो गई थी, इस हादसे में भी सैंकड़ों लोगों की जान चली गई थी। यह बिल्डिंग भी अवैध रूप से बनाई गई थी।पुलिस ने इमारत के मालिक सोहेल राणा और पांच फैक्ट्रियों के मालिकों पर लापरवाही से हत्या और निर्माण कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया है जिसमें अधिकतम सात साल की सजा हो सकती है। पुलिस के अनुसार, ‘इमारत के मालिक ने अवैध रूप से तीन मंजिलों का निर्माण कराया और फैक्ट्रियों को जेनरेटर लगाने की अनुमति दी थी।’हादसे में जिंदा बचे कुछ लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिकों ने उन्हें काम के लिए मजबूर किया, जबकि इमारत में हादसे से पहले बड़ी-बड़ी दरारें दिख रही थीं। बांग्लादेश ने अंतरराष्ट्रीय खरीददारों और मानवाधिकार संगठनों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए कपड़ों की 18 फैक्ट्रियों को अस्थाई रूप से बंद किया है।ऐसे हादसे भविष्‍य में न हों, इसके लिए पुलिस और प्रशासन दोनों को मिलकर सख्‍ती से कोई कदम उठाना पड़ेगा। पुलिस को ऐसे में मामले में ढील नहीं देनी चाहिए और अवैध निर्माण पर सख्‍त कदम उठाना चाहिए।