तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा को लेकर चीन ने भारत को वॉर्निंग दी है। बीजिंग की सरकारी मीडिया ने गुरुवार को कहा, ‘नई दिल्ली को बिगड़ैल बच्चे की तरह बिहेव करना बंद कर देना चाहिए। चीन ने वन-चाइना पॉलिसी पर अमेरिका के प्रेसिडेंट-इलेक्ट डोनाल्ड ट्रम्प को जिस तरह हैंडल किया, उससे भारत को सबक लेना चाहिए।’ बता दें कि दलाई लामा ने हाल ही में ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की थी। चीन इसी बात पर भड़का हुआ है।

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ एक आर्टिकल में लिखा है, कुछ मौकों पर भारत एक बिगड़ैल बच्चे की तरह बर्ताव करता है, दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी का ताज रखने वाले के लिए यह सही नहीं है।
– भारत के पास एक महान देश बनने की क्षमता है, लेकिन उसका विजन क्लियर नहीं है। भारत को ताइवान पर बीजिंग और ट्रम्प के बीच हाल में हुए इंटरैक्शन से कुछ सबक लेना चाहिए।

चीन को कोई छू तक नहीं सकता
– अखबार ने कहा, ‘चीन अपने जरूरी हितों को प्रोटेक्ट करने के लिए सतर्क है, फिर भी हमनें ट्रम्प के सामने संयम दिखाया, लेकिन मौजूदा हालात में हमारी बॉटम लाइन को समझा जाना चाहिए।’
– ‘चीन की प्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय एकता को कोई छू तक नहीं सकता।’

झंझट में पड़ने से पहले अमेरिका 2 बार सोचता है
– अखबार ने यह भी लिखा है, ‘चीन के साथ सेंसिटिव प्रॉब्लम्स पर किसी झंझट में पड़ने से पहले अमेरिका 2 बार सोचता है, तो भारत को इतना भरोसा कहां से हासिल होता है।’
– ‘भारत, मंगोलिया को एक बिलियन डॉलर की मदद दे रहा है, इसके बावजूद बीजिंग ने उलानबतार (मंगोलिया की कैपिटल) पर दबाव डालकर पिछले महीने वहां दलाई लामा की मेजबानी पर रोक दी।’
– ‘भारत में मंगोलिया के एम्बेसडर ने चीन के दबाव को काउंटर करने में मदद मांगी थी, लेकिन फिर भी मंगोलियन सरकार ने दलाई लामा को अपने यहां दोबारा इनवाइट नहीं करने का वादा किया है।’

अमेरिका से ऐसे बिगड़ा मामला
– बता दें कि ट्रम्प ने इसी महीने ताइवान के प्रेसिडेंट तसाई इंग-वेन से फोन पर बात की थी। जिस पर चीन ने एतराज जताया था। चीन ने ट्रम्प के उस कदम को अपनी वन चाइना पॉलिसी पर अमेरिका के पहले के रुख में बदलाव के तौर पर देखा।
– चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह इस पॉलिसी पर अपने पहले के रुख को न बदले। दरअसल, चीन यह मानता है कि ताइवान उसका हिस्सा है जो उससे अलग हो गया और आखिर में ताइवान चीन का हिस्सा बन जाएगा।
– इसके अलावा, हाल ही में साउन चाइना सी में चीन ने अमेरिका के ड्रोन को जब्त कर लिया था। अमेरिका-चीन के बीच ये पहली ऐसी घटना थी। हालांकि बाद में अमेरिका और ट्रम्प के विरोध जताने पर चीन ने ड्रोन लौटा दिया।
– ट्रम्प 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद का चार्ज संभालेंगे। इससे पहले हुई इस घटना को चीन की ताकत की आजमाइश माना जा रहा है।
इसी महीने प्रणब से मिले थे दलाई लामा
– दलाई लामा इस महीने की शुरुआत में प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी से मिले थे।
– नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के चिल्ड्रंस फाउंडेशन के प्रोग्राम में शामिल होने के लिए दलाई लामा राष्ट्रपति भवन गए थे।
– चीन ने जब इसका विरोध किया था तो भारत ने उसे खारिज कर दिया था।
– भारत ने कहा था कि दलाई लामा सम्मानित नेता हैं और यह मुलाकात एक गैरराजनीतिक प्रोग्राम के दौरान हुई है।

By parshv