पिता आसिफ अली जरदारी से नाराज बिलावल भुट्टो ने पाकिस्तान छोड़ दिया हैं। तीन महीने पहले ही उन्होंने मुल्क को बदलने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आम चुनाव से पहले ही उन्होंने देश छोड़ दिया। चुनावी मौके पर उनका मुल्क छोड़ना पीपीपी के लिए ये बड़ा झटका है।कहते हैं कि बिलावल के देश छोड़ने की वजह उनके पिता आसिफ अली जरदारी ही हैं। उन्हीं से मनमुटाव के ब…
पिता आसिफ अली जरदारी से नाराज बिलावल भुट्टो ने पाकिस्तान छोड़ दिया हैं। तीन महीने पहले ही उन्होंने मुल्क को बदलने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आम चुनाव से पहले ही उन्होंने देश छोड़ दिया। चुनावी मौके पर उनका मुल्क छोड़ना पीपीपी के लिए ये बड़ा झटका है।कहते हैं कि बिलावल के देश छोड़ने की वजह उनके पिता आसिफ अली जरदारी ही हैं। उन्हीं से मनमुटाव के बाद बिलावल के पाकिस्तान छोड़ने की बात कही जा रही है। लेकिन 11 मई के आमचुनाव से ठीक पहले उनका जाना कम से कम पीपीपी के लिए करारा झटका है। हाल ही में उन्हें पार्टी का मुख्य संरक्षक बनाया गया था।खबर है कि पिता जरदारी और बुआ फारयाल तालपुर के साथ पार्टी के अहम मुद्दों पर उनके मतभेद काफी बढ़ गए थे। दरअसल बिलावल पार्टी के मामलों में खुद फैसले लेने का अधिकार चाहते थे। सूत्रों के मुताबिक बिलावल ने अपने पिता को स्पष्ट कर दिया है कि पीपीपी ने गत वर्ष मानवाधिकार कार्यकर्ता किशोरी मलाला यूसुफजई को तालिबान द्वारा गोली मारे जाने और क्वेटा व कराची में शियाओं पर हुए हमलों के मुद्दे को मजबूती से स्वीकार नहीं किया है। इन हमलों में करीब 250 लोग मारे गए थे। इस मुद्दे पर तल्खी इतनी बढ़ गई कि बिलावल ने दुबई की राह पकड़ ली।बिलावल तीन महीने पहले अपने एक भाषण में कहा था कि हम अपने वतन को नहीं छोड़ेंगे। साथ ही उन्होंने खुद को कायदे अवाम का दिवाना और भुट्टो का परवाना बताया था, लेकिन उसने मुल्क से वादाखिलाफी कर दी। ऐसे समय में जब अवाम को उनकी जरूरत थी, इंसाफ की आवाज बुलंद करनी थी, जब युवा उम्मीदें बिलावल को देख रही थी।