सऊदी अरब में रह रहे करीब एक लाख से भी ज्यादा भारतीयों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। इसकी वजह है वो नया श्रम कानून जिसे हाल ही में लागू किया गया है।नए कानून के चलते सऊदी अरब में रह रहे करीब 75 हजार से भी ज्यादा भारतीयों को अगले कुछ महीने के भीतर स्वदेश लौटना होगा। इसके लिए 3 जुलाई तक की समय सीमा तय की गई है और जिन लोगों ने तय मियाद के भीतर सऊदी…
सऊदी अरब में रह रहे करीब एक लाख से भी ज्यादा भारतीयों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। इसकी वजह है वो नया श्रम कानून जिसे हाल ही में लागू किया गया है।नए कानून के चलते सऊदी अरब में रह रहे करीब 75 हजार से भी ज्यादा भारतीयों को अगले कुछ महीने के भीतर स्वदेश लौटना होगा। इसके लिए 3 जुलाई तक की समय सीमा तय की गई है और जिन लोगों ने तय मियाद के भीतर सऊदी नहीं छोड़ा, उन्हें गिरफ्तार होना पड़ सकता है।दरअसल, निताकत कानून के तहत सऊदी अरब में काम कर रही विदेशी कंपनियों में हरेक दस कर्मचारी पर एक सऊदी नागरिक की नियुक्ति अनिवार्य बना दी गई है, जिसकी वजह से बड़े पैमाने पर विदेशी कर्मचारियों को छंटनी का सामना करना पड़ रहा है। निताकत कानून को देखते हुए सऊदी अरब में रह रहे हजारों भारतीयों ने इमरजेंसी एग्जिट सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया है।ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि सऊदी अरब के दौरे पर पहुंचे विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद इस बारे में वहां की सरकार से बात करेंगे। खुर्शीद अपनी आधिकारिक यात्रा पर सऊदी अरब पहुंच गए। खुर्शीद कई मुद्दों पर सऊदी अरब की सरकार के साथ वार्ता करेंगे. इनमें निताकत कानून, ऊर्जा सुरक्षा और आतंकवाद निरोधी सहयोग जैसे मुद्दे शामिल हैं।बता दें कि विदेशी कामगारों के नियमितिकरण के लिए बनाया गया ‘निताकत कानून’ कार्यक्रम स्थानीय कंपनियों के लिए यह अनिवार्य करता है कि वे हर दस प्रवासी कामगारों पर एक सऊदी नागरिक को नौकरी दी जाए।