ज्योतिषशास्त्र में मोर पंख का काफी महत्व है। इसे नवग्रह का प्रतीक भी माना जाता है, जिस कारण इससे कुंडली के कई दोष दूर होने के साथ ही वास्तु दोष भी दूर होते हैं। दरअसल ऐसी मान्यता है कि मोर पंख आपके आसपास रहने से वहां नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है। चलिए, जानते हैं किस तरह से मोर पंख आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है…अपने घर में सही जगह रखते हैं तो आपको लाभ होता है।
भगवान कृष्ण के मुकुट पर विद्यमान मोर पंख को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इस कारण से यदि मोर का पंख आप अपने घर में सही जगह रखते हैं तो आपको लाभ होता है। आप अपने बेडरूम की पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में मोर पंख लगाएं। ऐसे उस कार्य के पूर्ण होने के योग बनते नजर आ सकते हैं।
अगर आप अपने व्यापार में उन्नति का मार्ग प्रशस्त करना चाहते हैं तो अपने ऑफिस या दुकान में दक्षिण-पूर्व दिशा में मोर पंख लगाकर देखें। शास्त्र के अनुसार, ऐसे घर-परिवार की आर्थिक समस्या हल होने के साथ ही पैसों की तंगी में कमी आती है।
वास्तुशास्त्र में घर के मुख्य द्वार की काफी अहमियत बताई गई है। इस कारण से हमेशा घर के मुख्य द्वार पर सफाई रखने के साथ ही वहां यदि आप श्रीगणेश की मूर्ति के साथ मोर पंख सजाते हैं तो ऐसी मान्यता है कि घर से हर प्रकार का वास्तु दोष दूर हो जाता है।
विद्यार्थियों के कमरे या पुस्तकों के बीच मोर पंख रखने से उनकी स्मरण शक्ति तेज होने के साथ ही एकाग्रता बढ़ने से लाभ होता है। इसके साथ ही शास्त्रों में बताया गया है कि मंत्र जप की माला को हमेशा मोर पंखों के बीच रखना चाहिए।