मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में प्रदेश की जेलो की सुविधाओं में इजाफा करने की दिशा में आयोजित होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में निर्माणाधीन जेलो के कार्य की समीक्षा की जावेगी। जिसमें जिला जेल भिण्ड के निर्माणाधीन नवीन जेल का कार्य दिसम्बर 2018 तक पूरा करा लिया जावेगा। इस कार्य की कलेक्टर द्वारा प्रतिमाह समीक्षा की जावेगी। साथ ही निर्माणाधीन नवीन जेल का कार्य पीआईयू के माध्यम से निर्माण एजेंसी से पूरा कराने में आसानी होगी। उक्त उदगार पशुपालन, जेल, पर्यावरण तथा मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य ने आज निर्माणाधीन नवीन जेल के निरीक्षण एवं पुरानी जिला जेल में बंदियों की सुविधाओं का जायजा लेने के उपरांत जेल परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए व्यक्त किए।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह, भाजपा के जिलाध्यक्ष श्री संजीव कांकर, कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी, केन्द्रीय जेल ग्वालियर के जेल अधीक्षक श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व खनिज निगम अध्यक्ष श्री कोकसिंह नरवरिया, नपा उपाध्यक्ष श्री रामनरेश शर्मा, एसडीएम श्री संतोष तिवारी, सीएसपी श्री बीएस तोमर, कार्यपालन यंत्री पीआईयू श्री पंकज परिहार, जिला जेल भिण्ड के जेलर श्री ओपी पाण्डेय, नायब तहसीलदार श्री रवीश भदौरिया, अन्य विभागीय अधिकारी, पत्रकार तथा जेल कर्मचारी मौजूद थे।

जेल मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य ने कहा कि निर्माणाधीन जिला जेल भिण्ड के कार्य को पूरा कराने के लिए राज्य स्तर से पहल की जावेगी। जिससे जेल के कार्य में आने वाली कठिनाई और समस्याओं का समय-सीमा में निदान होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी जेलो में संदर्शक नियुक्त किए जावेंगे। जिससे जेलो की व्यवस्थाओं को चुस्त और दुरूस्त बनाने में सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जेलो में सजा प्राप्त बंदियों की रिहाई के पूर्व एक माह की सजा माफी की सुविधा दी जावेगी। जिससे सजा काट रहे बंदियों को एक माह पूर्व जेल से रिहा होने की सुविधा प्राप्त होगी।

जेल मंत्री श्री आर्य ने कहा कि जेल निरीक्षण के दौरान बंदियों की कठिनाई एवं समस्याओं का जायजा लिया गया है। जिसमें बंदियों ने अवगत कराया है कि जेल में फलफ्रूट की सुविधा मिलनी चाहिए। मंत्री श्री आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय बैठक में बंदियों को फलफू्रट देने की सुविधा निर्णय के उपरांत बंदियों को प्रदान की जावेगी। उन्होंने कहा कि निरीक्षण में बंदियों के पीने के पानी, खाने की सुविधा की भी जानकारी प्राप्त की है। जिस पर से बंदियों ने सुविधा मिलने की जानकारी दी। इसीप्रकार बंदियों को बीमारी की स्थिति में मिल रहे उपचार की जानकारी ली है। जिस पर से बंदियों ने भी समय समय पर उपचार का लाभ मिलने के बारे में अवगत कराया है। जेल मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य को पुरानी जिला जेल पर गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी।

क्षेत्रीय विधायक श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह ने निर्माणाधीन नवीन जेल की व्यवस्थाओं का अवलोकन कराया। साथ ही जेल बिल्डिंग के साथ-साथ जेल क्षेत्र में बनने वाली सडको का कार्य भी समय पर कराने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पुरानी जिला जेल में बंदियों को नियमानुसार सुविधाऐं प्राप्त हो रही है। साथ ही इन सुविधाओं में इजाफा किया जाकर बंदियों को फलफ्रूट देने की आवश्यकता है। जिससे बंदियो के स्वास्थ्य में तरक्की होगी। उन्होंने कहा कि पुरानी जिला जेल में पेयजल की सुविधा के लिए एक बोर कराया जावेगा। जिससे बंदियों एवं जेल कर्मचारियों को पीने के पानी की सुविधा आसानी से मिलती रहेगी। उन्होंने कहा कि जेल की व्यवस्था में पहले से अधिक सुधार हुआ है। जिसका लाभ बंदियों को मिल रहा है।

कलेक्टर डॉ इलैया राजा टी ने नवीन निर्माणाधीन जेल के कार्यो के बारे में अवगत कराया कि पीआईयू के माध्यम से कराए जा रहे कार्य की माह के प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाली टीएल बैठक में समीक्षा की जावेगी। साथ ही एजेंसी द्वारा कराए जा रहे कार्य को अगस्त 2018 तक पूरा कराने के प्रयास किए जावेंगे। जिससे नवीन जेल भिण्ड का दिसम्बर 2018 में लोकार्पण कराया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला जेल के बंदियों को योग कराने की दिशा में जेलर श्री पाण्डेय के माध्यम से कार्यवाही प्रारंभ कराई जावेगी। जिससे बंदियों के स्वास्थ्य में इजाफा होगा। इसीप्रकार पुरानी जेल की बेरिको में लगे पंखों को व्यवस्थित करने की कार्यवाही के लिए भी प्रयास जेलर के माध्यम से कराए जावेंगे।

केन्द्रीय जेल ग्वालियर के जेल अधीक्षक श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह ने जिला जेल भिण्ड के निरीक्षण के दौरान अवगत कराया कि नियमानुसार पुरानी जिला जेल में 172 बंदियों को रखने की सुविधा का प्रावधान है। जिसके विरूद्ध वर्तमान में 253 बंदियों को रखा जाकर उनको जेल मेन्युअल के अनुसार सुविधा दी जा रही है। नवीन जिला जेल के निर्माणाधीन कार्य पर सतत निगरानी रखी जावेगी। साथ ही समय सीमा में कार्य को पूर्ण कराने के प्रयास किए जावेंगे।

जिला जेल भिण्ड के जेलर श्री ओपी पाण्डेय ने इस अवसर पर बताया कि जिला जेल भिण्ड में 6 हवलदार, 8 सिपाही तैनात है। बंदियों की संख्या को देखते हुए और स्टॉफ की आवश्यकता है। उन्होंने पुरानी जेल में स्थित विभिन्न बैरिको का निरीक्षण कराया। साथ ही बंदियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी।