प्रदेश को एड्स शून्य राज्य बनायें- स्वास्थ्य मंत्री श्री रुस्तम सिंह

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लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रुस्तम सिंह ने राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश को एड्स शून्य राज्य बनायें। प्रदेश में वर्ष 2005 में एचआईवी/एड्स का प्रतिशत 11.45 था जो समिति के निरंतर प्रयासों से अब घटकर 0.42 रह गया है। श्री सिंह ने यह बात आज भोपाल में विश्व एड्स दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने चिकित्सकों और चिकित्सा विद्यार्थियों से कहा कि गरीब का इलाज मानवता की सेवा की भावना से प्राथमिकता से करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एड्स मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय कमी के लिए चिकित्सकों के साथ मीडिया का भी महत्वपूर्ण योगदान है। इस मौके पर परियोजना संचालक श्री उमेश कुमार भी उपस्थित थे।

समिति द्वारा ‘एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की चुनौतियां और संभावनाएं’ पर सेमिनार भी किया गया। इसमें डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने ब्लड ट्रांसफ्यूजन और एचआईवी/एड्स, डॉ. माधुरी चन्द्रा ने ‘नवजात शिशुओं में एचआईवी/एड्स से बचाव’ डॉ. हेमंत वर्मा ने एचआईवी/एड्स प्रबंधन में एआरटी की भूमिका, डॉ. सुनील कुमार ने ‘एड्स और कैंसर’ तथा डॉ. मनोज वर्मा ने एचआईवी और टीबी के सह-संबंध पर जानकारी दी।

सेमिनार में भोपाल के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों नर्सिंग विद्यालय और पैरा-मेडिकल छात्र-छात्राओं के अलावा सभी जिलों के एकीकृत परामर्श एवं परीक्षण केन्द्रों और स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इन्होंने क्विज, जादू और कैडिल मार्च कार्यक्रमों में भी उत्साह से भाग लिया। एड्स जागरूकता के लिये समन्वय भवन से गैमन इंडिया मॉल तक कैडिल मार्च किया गया।

कार्यक्रम का संचालन संयुक्त संचालक श्रीमती सविता ठाकुर और आभार संयुक्त संचालक डॉ. यू.सी. यादव ने किया।