इमालवा – चिचोली (बैतूल). चिचोली से आठ किमी दूर मलाजपुर गांव में बुधवार को मिडिल स्कूल के 68 बच्चे मध्याह्न् भोजन खाने से बीमार हो गए। बच्चों को भोजन करने के बाद उल्टी और गले में ऐठन की शिकायतें हो रही थीं। इनमें से 34 बच्चों को चिचोली और अन्य 34 बच्चों को बैतूल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्कूल के दो शिक्षक और एक भृत्य भी भोजन करने से बीमार हो गए। डॉक्टरों ने फूड पॉयजनिंग की आशंका जताई है।

मलाजपुर में ट्राइबल विभाग का मिडिल स्कूल संचालित है। इस स्कूल में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के 194 बच्चे दर्ज हैं। दोपहर में स्कूल में 131 बच्चे उपस्थित थे। बच्चों के लिए चने की दाल रोटी और आलू की सब्जी बनी थी। भोजन करने के दौरान ही बच्चों ने केरोसिन की गंध आने की शिकायत शिक्षकों से की थी। जबकि 71 बच्चे भोजन कर चुके थे। इसके बाद बच्चों को उल्टी व गले में ऐठन की शिकायत होने लगी।

बच्चों ने अपने पालकों को इसकी जानकारी दी, पालक स्कूल पहुंचे और इसकी शिकायत प्रधानपाठक आरके वंशकार से की। इस दौरान स्कूल में कुछ बच्चे ज्यादा बीमार होने लगे। प्रधानपाठक ने अधिकारियों को सूचना दी और बच्चों को  एम्बुलेंस से चिचोली अस्पताल में भर्ती कराया। शाम करीब साढ़े छह बजे बच्चों की हालत गंभीर होने पर 34 बच्चों को बैतूल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आटा में गड़बड़ी सामने आई है

स्कूल के टीचरों ने दोपहर भोजन किया था, वे भी बीमार हैं। आटा में केरोसिन होने की बात फिलहाल सामने आई है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसकी जांच एसडीएम, एसडीओपी मौके पर पहुंचकर रहे हैं। – संजीव श्रीवास्तव, एमडीएम प्रभारी बैतूल

नहीं आ रही थी केरोसिन की गंध

मंगलवार शाम को पांच बजे चक्की पर गेहूं पिसाने रखकर आए थे और बुधवार को सुबह 10 बजे आटा उठाकर लाए। रोजाना की तरह मध्यान्ह भोजन बनाया। आटा में से केरोसिन की गंध नहीं आई। – रमाकांति बाई, अध्यक्ष नर्मदा स्वसहायता, चिचोली

 

By parshv