आज लाल दिखेगा चंद्रमा, ग्रहण में हनुमान जयंती बदलेगी भाग्य

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आसमान में शनिवार को एक अद्भुत नजारा दिखाई देगा। इस नजारे को लोग चंद्रोदय व सूर्यास्त के दौरान शाम छह बजकर 55 मिनट से छह बजकर 56 मिनट के दौरान दो मिनट तक ही देख सकेंगे। इस दौरान पूर्ण चंद्रग्रहण होगा, जिसके चलते पूरा चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा। खगोलविदों का कहना है कि यूं तो लाल रंग का चंद्रमा साल में दो बार देखने को मिलता है, लेकिन चंद्रोदय व सूर्यास्त के दौरान जब चंद्रमा पूरा हो उस समय उसका लाल रंग में दिखने का अवसर बहुत कम ही आता है।

गुजरात साइंस सिटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.नरोत्तम साहू ने बताया कि यूं तो इसे ऎसा ही देखा जा सकेगा, लेकिन इसका अध्ययन करने के लिए टेलीस्कॉप भी लगाएंगे। उनके अनुसार चंद्रग्रहण शनिवार दोपहर दो बजकर 31 मिनट से शुरू होगा व रात आठ बजकर 29 मिनट पर खत्म होगा, जिससे करीब पांच बजकर 58 मिनट का ये चंद्रग्रहण होगा, लेकिन लाल रंग का चंद्रमा अहमदाबाद व गुजरात में सिर्फ चंद्रोदय व सूर्यास्त के दो मिनट के दौरान ही दिखाई देगा। ऎसा इसलिए होगा क्योंकि इस दौरान चंद्रमा पूरे आकार को होगा। इस दौरान सूर्य, पृथ्वी व चंद्रमा तीनों ही एक सीध में होंगे। इस कारण पृथ्वी की छाया चंद्रमा को ढंक लेगी, जिससे सूर्य की किरणों की छाया चंद्रमा पर ऎसे पड़ेगी कि वो लाल रंग का दिखाई देगा। साहू ने बताया कि इसके अलावा स्पेश स्टेशन में भी शनिवार को दो बार दिखाई देगा। सुबह 4 बजकर 44 मिनट पर केवल एक मिनट के लिए दिखेगा लेकिन रात में ये 7 बजकर 34 मिनट से 7 बजकर 40 मिनट तक दिखाई देगा।

सुबह ही शुरू हो जाएगा सूतक

कोलकाता में चंद्रग्रहण की शुरूआत दोपहर 3.48 बजे से होगी। सम्मिलनी शाम 5.26 बजे होगा। ग्रहण का मध्यकाल 5.32 बजे रहेगा। उनमिलन 5.35 बजे एवं मोक्ष रात 7.22 बजे होगा। पंडित संजय कृष्ण व्यास ने बताया कि चन्द्र ग्रहण में ग्रहण का सूतक स्पर्शकाल से 9 घंटे पूर्व ही लग जाता है। इस तरह सूर्योदय के साथ ही सूतक शुरू हो जाएगा। सूतक की शुरूआत से लेकर मोक्ष तक भोजन, शयन, जल ग्रहण, देवपूजन आदि वर्जित है। वृद्घ, रोगी एवं बच्चों को दोष नहीं लगता है। इस दौरान जप-तप, दान, मंत्र उच्चारण, हवन, हरिनाम संकीर्तन करना चाहिए।

ज्योतिषाचार्य गणेश दत्त त्रिपाठी ने बताया कि यह चंद्रग्रहण अत्यंत कष्टदायी व अजीब संयोग वाला है। ग्रहण मेष, कर्क, वृश्चिक, धनु, राशि वालों के लिए लाभदायक, वृष, मिथुन, सिंह, कन्या, तुला, मकर, कुंभ, मीन राशि वालों के लिए कष्टदायी होगा। ग्रहण का सूतक सूर्योदय से शुरू होगा।

त्रिपाठी ने कहा कि सूतक व ग्रहण काल में दान, जप, पाठ, मंत्र, सिद्धि, तीर्थस्नान, कीर्तन आदि में ग्रहण का प्रकोप कम हो जाता है। ग्रहण काल में मूर्ति स्पर्श करना, अनावश्यक खाना-पीना, मैथुन, निद्रा से बचें। बालक, वृद्ध, रोगी, गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से भोजन, दवाई लेने से कोई दोष नहीं लगता। खाने-पीने की वस्तुओं में कुशा रखें। ज्योतिषाचार्य ने कहा कि ग्रहण काल में हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए और ग्रहण के बाद स्नान अवश्य कर लेना चाहिए।

गर्भवती महिलाएं खास ध्यान रखें

ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। इस दौरान उन्हें घर से निकलना ही नहीं चाहिए साथ ही कुछ सिलने व काटने का कार्य करने से परहेज करना चाहिए साथ ही जितना हो सके अपने आराध्य के मंत्रों का जप करते रहे। इसके साथ ही यात्रा व भ्रमण, नए कार्य की शुरुआत के विषय में बिल्कुल भी न सोचें।

जानिए आपकी राशि पर क्या होगा प्रभाव:

मेष – शत्रु पक्ष से सावधानी रखें।
वृषभ – संतान पक्ष एवं आर्थिक क्षेत्रों में सावधानी की आवश्यकता।
मिथुन – करियर, व्यापार, सर्विस से संबंधित क्षेत्रों में सावधानी रखें।
कर्क – उच्चस्थ अधिकारियों से सावधानी की जरूरत।
सिंह – आर्थिक क्षेत्र से सावधानी रखें।
तुला – लाभ होने की संभावना है लेकिन फिर भी सावधानी रखें।
वृश्चिक – कार्य क्षेत्र से संबंधित सावधानी रखें।
धनु – समस्त क्षेत्रों में सावधानी रखने की आवश्यकता।
मकर – व्यापार व कार्य से संबंधित सावधानी रखें।
कुंभ – लाभ के आसार लेकिन सावधानी रखना जरूरी। इसके साथ ही कन्या व मीन राशि को विशेष सावधानी रखी होगी।