सुहागिन स्त्रियों के लिए करवा चौथ बहुत ही महत्वपूर्ण व्रत है। यह व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को कर्वे के साथ प्रारम्भ होकर कर्वे से ही संपन्न होने से इसे करवाचौथ के नाम से जाना जाता है। इस बार 30 अक्टूबर 2015, शुक्रवार को सुहागिनों का पवित्र व्रत करवाचौथ है। इस दिन चन्द्रोदय 8 बजकर 38 मिनट पर है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार 27 नक्षत्र माने गए हैं, जो चंद्रमा की पत्नियां हैं। अपनी सभी पत्नियों में रोहिणी नक्षत्र से चंद्रमा सबसे अधिक प्यार करते हैं।
इस वर्ष 30 अक्टूबर रोहिणी नक्षत्र में करवाचौथ व्रत आ रहा है। रोहिणी नक्षत्र शाम 4:57 तक रहेगा। जोकि विशेष योग लेकर आ रहा है। इस दिन जो सुहागन अपने पति के लिए व्रत रखेंगी वह सदा सुहागन रहने के साथ-साथ अपने पति का प्रेम और विशेष आकर्षण भी पाएंगी। नक्षत्र के प्रभाव से जहां पति-पत्नी के संबंधों में मधुरता घुलेगी वहीं एक दूसरे के लिए प्यार भी बढ़ता जाएगा।
करवाचौथ व्रत पर बनने वाले विशेष संयोग
शुक्रवार 30 अक्टूबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की तृतीया प्रात: 8:25 तक रहेगी। उसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी जो सुबह 5:26 मिनट तक रहेगी। चंद्रमा वृषभ राशि में प्रात: 4:21 तक रहेगा। मित्र व बुधादित्य योग सारा दिन रहेंगे।