ज्योतिष के अनुसार शुभ मुहुर्त में कार्य शुरू करने से उसके पूर्ण होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। नवंबर माह में भी ऐसे ही 9 अशुभ तथा 23 शुभ मुहुर्त बन रहे हैं जिनका उपयोग आप अपना कार्य शुरू करने के लिए कर सकते हैं। मुहुर्त के साथ ही अपनी नामराशि अथवा जन्मकुंडली के चन्द्रमा का गोचर भी अवश्य देख लें, इससे आपके कार्य में शत-प्रतिशत सफलता मिलेगी।
नवंबर माह के अशुभ मुहूर्त
इस माह कुल भद्रा तथा पंचक योग को मिलाकर कुल 9 अशुभ मुहूर्त बन रहे हैं। इनमें शुरू किए गए सभी काम या तो बहुत ज्यादा अटकते हैं या फिर कभी पूरे नहीं हो पाते। इसलिए इनमें काम आरंभ करने से यथासंभव बचें।
विघ्नकारक भद्रा ( भद्रा योग में कोई भी शुभ कार्य न करें )
01 नवम्बर 2015 – देर रात्रि 04.52 से 02 नवम्बर को सायं 05.01 तक
05 नवम्बर 2015 – रात्रि 09.53 से 06 नवम्बर को दिन 11.06 तक
09 नवम्बर 2015 – सायं 07.08 से10 नवम्बर को प्रात: 08.17 तक
15 नवम्बर 2015 – दिन 02.35 से देर रात्रि 02.38 तक
18 नवम्बर 2015 – रात्रि 12.41 से19 नवम्बर को दिन 11.58 तक
21 नवम्बर 2015 – देर रात्रि 05.34 से 22 नवम्बर को सायं 04.14 तक
25 नवम्बर 2015 – प्रात: 07.11 से सायं 05.44 तक
28 नवम्बर 2015 – दिन 10.42 से रात्रि 10.02 तक
पंचक (पंचक योग में कोई भी शुभ कार्य न करें)
19 नवम्बर 2015 – प्रात: 07.35 से 23 नवम्बर को दिन 12.18 तक
नवम्बर माह में शुभ योग
इस माह कार्य-सिद्धि, अमृत सिद्धी, रवि पुष्य, त्रिपुष्कर तथा सर्वदोषनाशक योगों को मिलाकर कुल 23 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। इनमें शुरू किए गए कार्यों को सदैव सफलता मिलती हैं यदि आपकी कुंडली के ग्रह-गोचर भी अनुकूल हों-
कार्य-सिद्धि योग
02 नवम्बर 2015 – सायं 04.25 से देर रात्रि 06.06 तक
03 नवम्बर 2015 – सायं 05.53 से देर रात्रि 06.07 तक
08 नवम्बर 2015 – सूर्योदय से दिन रात
12 नवम्बर 2015 – दिन 03.43 से देर रात्रि 06.13 तक
13 नवम्बर 2015 – सूर्योदय से सायं 05.26 तक
15 नवम्बर 2015 – सूर्योदय से सायं 07.39 तक
22 नवम्बर 2015 – सूर्योदय से दिन 02.29 तक
24 नवम्बर 2015 – सूर्योदय से 09.59 तक
25 नवम्बर 2015 – 07.39 से देर रात्रि 06.23 तक
29 नवम्बर 2015 – देर रात्रि 01.32 से 06.25 तक
30 नवम्बर 2015 – सूर्योदय से देर रात्रि 02.23 तक
अमृत सिद्धि योग
08 नवम्बर 2015 – सूर्योदय से दिन रात
24 नवम्बर 2015 – सूर्योदय से 09.59 तक
सर्वदोषनाशक रवि योग
01 नवम्बर 2015 – दिन 03.46 से 02 नवम्बर को सायं 04.25 तक
14 नवम्बर 2015 – सायं 06.45 से 15 नवम्बर को सायं 07.39 तक
16 नवम्बर 2015 – रात्रि 08.09 से 17 नवम्बर को रात्रि 08.14 तक
19 नवम्बर 2015 – सायं 07.09 से 20 नवम्बर को प्रात: 07.25 तक
20 नवम्बर 2015 – सायं 05.59 से 21 नवम्बर को सायं 04.24 तक
24 नवम्बर 2015 – प्रात: 09.59 से 25 नवम्बर को प्रात: 07.39 तक
30 नवम्बर 2015 – देर रात्रि 02.23 से प्रारम्भ
त्रिपुष्कर (तीनगुना फल) योग
01 नवम्बर 2015 – देर रात्रि 04.52 से 06.05 तक
07 नवम्बर 2015 – दिन 01.49 से देर रात्रि 05.04 तक
रवि पुष्यामृत योग
29 नवम्बर 2015 – देर रात्रि 01.32 से देर रात्रि 06.26 तक