शरारती बंदर

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यह कहानी उस बंदर की है जो हमेशा किसी-न-किसी को परेशान करता ही रहता था, वह बंदर कभी किसी का समान उठा लेता था, कभी किसी के हाथ से सब्जी लेकर भाग जाता था, उस पुरे इलाके में सिर्फ वही बंदर था, जो परेशान करने में सबसे आगे था, सभी लोग उस बंदर से परेशान थे, क्योकि जब भी वो बंदर किसी का समान बहार देखता उसी को उठा लेता,

एक दिन की बात है सुनार की लड़की अपनी शादी के लिए कुछ गहने लेकर आ रही थी, बंदर की नज़र उस थैले पर गयी, और उसने वह थैला उसके हाथ से छीन लिया, और वह से भागने लगा, सुनार की लड़की ने बहुत आवाज लगाई पर वह बंदर बिलकुल भी नहीं रुका, सभी लोग उसके पीछे काफी दूर तक गए, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा, बंदर की आदत थी की वो सारा समान एक जगह पर ही रख देता था,

उसने उस सुनार की लड़की का थैला भी वही पर रख दिया, जब यह बात सुनार को पता चली तो वह बंद की तलाश में निकल पड़ा, उसमे बहुत सारे गहने थे, इसलिए सुनार बंदर को ढूढ़ रहा था, जब बहुत देर हो गयी तो सुनार को वह बंदर नहीं मिला, कुछ देर बाद उसकी नज़र बंद पर पड़ी और वह बंदर के पीछे चला गया,

जब वह बंदर के पीछे गया था, सुनार की नज़र पड़ी तो देखा की इस बंदर ने तो बहुत सारा समान यहां पर रख रखा है, सुनार ने अपना थैला उठा लिया और बाकी का समान वही पर छोड़ दिया था, क्योकि वह कुछ और लोगो को बुलाने के लिए गया, जिससे वो भी अपना समान वह से उठा ले, बंदर की नज़र पड़ी की सुनार अपना समान लेकर जा रहा है, उसने सुनार से थैला लेना चाहा,

लेकिन सुनार ने नहीं दिया, सुनार के पीछे-पीछे बंदर भी आ गया था, जब बंदर ने देखा की सुनार के यहां पर बहुत सारा समान और भी रखा है तो वह खाने में लग गया, आज सुनार के यहां शादी थी, इसलिए बहुत सा खाना वह भी बना था. बंदर ने भर पेट खाना खाया और एक कार में बैठ कर सो गया, जब शादी हो चुकी थी तो बंदर आप लड़की की सुसराल जा चुका था, बंदर ने आखिर पीछा छोड़ा ही नहीं था