ये दुनिया अजीब है। कभी कभी हमारे सामने कई ऐसी विचित्र घटनाएं होती हैं। जिन पर यकीन करना बहुत ही मुश्किल होता है। लेकिन हकीकत में ऐसी चीजें होती हैं । असल जिंदगी में जहां हम किसी ओर का झूठा खाना तो दूर अपनो का झूठा खाने से भी कतराते है।
यहां मिलता है चूहों का झूठा प्रसाद:
राजस्थान के बीकानेर से 30 किलोमीटर आगे एक जगह है जिसका नाम है देशनोक। देशनोक में करणी माता का मंदिर है। जहाँ हजारों की संख्या में चूहे मौजूद हैं। मंदिर में मौजूद चूहो को करणी माता की संतान माना जाता है । यहाँ के लोगों के अनुसार करणी माता माँ जगदम्बा का अवतार है ।
क्या है इन चूहों से जुडी कहानी:
करणी माता का जन्म चारण परिवार में 13वी शताब्दी में हुआ था। उनका नाम रघुबाई था । रघुबाई की शादी किपोजी चारण से हुई थी। रघुबाई की सांसारिक जीवन में कोई दिलचस्पी नहीं थी । जिस वजह से रघुबाई ने अपने पति का विवाह अपनी छोटी बहन से करवा दिया और खुद संन्यासी बन भगवान की भक्ति में लीन हो गई।
इसलिए चूहों को माना जाता है संतान:
एक बार उनके पति और छोटी बहन की संतान जिसका नाम लक्ष्मण था वो कपिल सरोवर में गिर गया । जिस वजह से उसकी अकाल मृत्यु हो गई। करणी माता के लाख यतन के बाद यमराज ने लक्ष्मण को चूहे के रूप में पुनः जीवित कर दिया। तब से इस मंदिर में चूहों के रुप में माता करणी की संतान मौजूद हैं।