रखरखाव नहीं होने और निगम अफसरों द्व‌ारा ध्यान नहीं दिए जाने से ऐतिहासिक अमृत सागर तालाब की हालत पहले से ज्यादा खस्ता हो गई है। पानी का प्रदूषण स्तर बढ़ा है। खुलासा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की टीम ने रविवार को तालाब का निरीक्षण करने के बाद किया। टीम में शामिल अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सिविल इंजीनयिरिंग डिपार्टमेंट हेड डॉ. नदीम खलील, मंत्रालय के वैज्ञानिक डॉ. एम रमेश, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) के डॉ. दिनेश दामड़े ने तालाब की वर्तमान दशा को मोबाइल में कैद किया। जांच के लिए पानी का सैंपल लिया है। टीम के अनुसार शहर में तीन साल से स्वच्छता अभियान चल रहा है, तालाब की स्थिति में एक प्रतिशत भी नहीं सुधरी। देर शाम महापौर डॉ. सुनीता यार्दे से मिलकर टीम ने सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट और वर्तमान हालत की रिपोर्ट दी। साथ ही बताया की तालाब का 14.66 करोड़ का सौंदर्यीकरण योजना को मार्च तक मंत्रालय से मंजूरी मिल जाएगी।

सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट की डीपीआर का मूल्यांकन कर फाइनल रिपोर्ट पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय आ गई है। मार्च में सरकार की मंजूरी मिलते ही टेंडर निकाल दिए जाएंगे। संभवत जुलाई-अगस्त से प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।

मंत्री से मुलाकात के बाद आई तेजी
सात साल बाद अमृत सागर तालाब सौंदर्यीकरण योजना में तेजी आई है। इसके लिए महापौर डॉ. सुनीता यार्दे ने हाल ही में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह से दो बार मुलाकात की। महापौर डॉ. यार्दे ने बताया मंत्री सिंह ने जल्द ही टीम भेजने का आश्वासन दिया था। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होते ही तालाब का सौंदर्यीकरण शुरू हो जाएगा।