रतलाम। शहरवासियों की आस्था का केंद्र माणकचौक का प्राचीन महालक्ष्मी मंदिर तीन दिवसीय उत्सव को लेकर तैयार होने लगा है। इस वर्ष भी महालक्ष्मी के दरबार में धनतेरस के दिन कुबेर पोटली का वितरण होगा, इसमें खास बात यह होगी कि यह केवल महिलाओं को मिलेगी और वह भी सिर्फ चार विशेष मुहूर्तो में। मंदिर में 28, 29 व 30 अक्टूबर को उत्सव मनाया जाएगा। साथ ही स्वर्ण आभूषण, नोट, सोने-चांदी के
आभूषणों से महालक्ष्मी का श्रंगार भी किया जाएगा।
मंदिर के संजय पुजारी ने बताया कि महालक्ष्मी मंदिर पर हर साल की तरह इस बार भी तीन दिवसीय उत्सव मनाया जाएगा। जिसकी शुरुआत 28 अक्टूबर शुक्रवार को महालक्ष्मी के दरबार के पट खुलने के साथ होगी। एक दिन-रात में आने वाले आने वाले चार शुभ-लाभ के चौघडिय़ा में माताओं को कुबेर पोटली भेंट की जाएगी।
कुबेर पोटली का महत्व
श्रद्धालु माताएं मातारानी के दरबार में पहुंचकर कुबेर पोटली माता के आशीर्वाद स्वरूप ले जाती हैं। इसे विशेष रूप से घर में तिजोरी, प्रतिष्ठान, पूजा मंदिर आदि स्थानों पर रखी जाती है। ऐसी मान्यता है कि इससे पूरे वर्ष महालक्ष्मी की कृपा घर-परिवार में सुख समृद्धि और धन की कमी नहीं होती है।
शुक्रवार के दिन रहेंगे चार मुहूर्त
28 अक्टूबर शुक्रवार को माणकचौक महालक्ष्मी के दरबार में
सुबह 7.30 से 9 बजे तक लाभ।
दोपहर 12 से 1.30 बजे तक शुभ।
रात 9 से 10.30 बजे तक लाभ।
रात 12 से 1.30 बजे तक शुभ।