एक सप्ताह के भीतर कलेक्टर तन्वीं सुंद्रियाल तीसरी बार जिला अस्पताल पहुंची। इस बार उन्होंने अस्पताल के जिम्मेदारों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि आपको आखिरी बार और एक माह का समय दे रहे हैं। इसके बाद आप सभी सिस्टम के अनुसार कार्य करना शुरू कर दें वरना फिर हमारा सिस्टम चलेगा। मेरे पास इतना समय नहीं है कि केवल अस्पताल के लिए ही तीन-तीन घंटे का समय दे पाऊं।
कार्य दिवस में समय नहीं
कार्य दिवस में तो कतई समय नहीं है। अवकाश के दिनों में ही मैं अस्पताल आकर व्यवस्थाएं चेक करूंगी और गड़बड़ मिलती है तो यह ठीक नहीं होगा। वे अस्पताल के कायाकल्प की कवायद को लेकर वे रविवार को अस्पताल पहुंची और यहां उन्होंने सिविल सर्जन कक्ष में कायाकल्प से जुड़े डॉक्टरों और अन्य स्टॉफ की बैठक ली। इसके बाद जिला अस्पताल में सफाईकर्मियों की परेड ली। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सफाई का काम आप लोगों को ही करना है और वह भी बिलकुल ठीक से। बैठक में सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर ननावरे, सिविल सर्जन डॉ. आनंद चंदेलकर, डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. दीप व्यास, आरएमओ डॉ. नरेश चौहान सहित वार्डों की इंचार्ज सिस्टरें मौजूद रहीं।
कायाकल्प की बैठक देर तक चली
बीती रात को कलेक्टर सुंद्रियाल ने जिला अस्पताल के कायाकल्प को लेकर सिविल सर्जन सहित अन्य अधिकारियों की बैठक ले ली। इसमें भोपाल से आए एनएचएम से जुड़े अधिकारी भी पहुंचे थे। अस्पताल की व्यववस्थाओं को लेकर इस दौरान काफी देर तक चर्चा चली। अस्पताल में सफाई व्यवस्था भी इनमें से एक बड़ा मु²ा था क्योंकि भवन को लेकर फिलहाल जो स्थिति है उसमें कोई बदलाव की उम्मीद नहीं की जा सकती है। इसके बाद रविवार की सुबह नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे।
सदस्यों के नहीं आने पर नाराजगी
कलेक्टर ने बीती रात ही अस्पताल प्रशासन को रविवार को सुबह 11 बजे कायाकल्प की बैठक लेने की बात कह दी थी। तय समय पर बैठक में कुछ डॉक्टरों के नहीं आने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सिविल सर्जन को जानकारी में लाए बगैर कोई भी अवकाश पर नहीं जाएं। कायाकल्प की तैयारियों को लेकर उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. आनंद चंदेलकर से कहा कि जिम्मेदारी तय करना पड़ेगी तभी जिला अस्पताल का ठीक से कायाकल्प हो पाएगा।
लोनिवि करेगा वाटर प्रुफिंग
अस्पताल के भवन में वाटर प्रुफिंग का कार्य पिछले साल तक अस्पताल प्रशासन स्वयं करता रहा है, लेकिन इस बार यह कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से होगा। पिछले दिनों ही जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान औषधि प्रशासन भोपाल के डॉ. पंकज अग्रवाल ने साफ कर दिया था कि 10 लाख से कम तक के कार्य अस्पताल प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग स्वयं करवाएगा और इससे ज्यादा का होने पर लोक निर्माण विभाग कार्य करेगा।