कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आपदा प्रबंधन संबंधी कार्यशाला सम्पन्न की गई। कार्यशाला में श्री शिवराज सिंह गुर्जर ने आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारी के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आपदा पूर्व तैयारियां होने से आपदा में होने वाली जनहानि को रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि सूखे की स्थिति से निपटने के लिए वाटरशेड मैनेजमेण्ट किया जा सकता है। मेले आदि में भीड़ प्रबंधन की पूर्व तैयारी कार्ययोजना बनाई जाना चाहिए। पेट्रोल पम्प संचालकों की नियमित जाँच कर आपदा प्रबंधन संबंधी नियमों का पालन खाद्य विभागा को सुनिश्चित कराना चाहिए। गैस स्टोरेज केंद्रों पर गैस की टंकियां एक के ऊपर एक न रखते हुए क्रमानुसार रखना चाहिए तथा उनके मध्य स्थान की दूरी के मानकों का पालन किया जाना चाहिए जितनी गैस स्टोरेज का लायसेंस हो उसी अनुपात में गैस सिलेण्डर रखे जाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग में अस्पतालों में अग्निशमन यंत्र तो उपलब्ध होते हैं, किन्तु उनमें गैस समाप्त हो जाती है एवं उसकी अंतिम तिथि भी निकल चुकी होती है तथा कार्यरत कर्मचारियों को उनके उपयोग के तरीके की जानकारी नहीं होती। नगरपालिका निगम में फायर फाइटर के भी उचित इंतजाम अच्छी स्थिति में होना चाहिए ताकि दुर्घटना होने पर त्वरित सहायता दी जा सके।

कार्यशाला में शहर पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह चौहान ने कहा कि आपदा होने पर पुलिस विभाग और प्रशासन के अधिकारी तो समय पर पहुँच जाते हैं किन्तु अन्य विभाग के विलंब होने के कारण जनहानि होने लगती है। एसडीएम ग्रामीण एवं एसडीएम शहर ने जिले में आपदा प्रबंधन की एकीकृत व्यवस्था कर पृथक से उपविभाग की महत्ती आवश्यकता जताई। आपदा प्रबंधन के राज्य स्तरीय अधिकारी ने कहा कि जिले में होमगार्ड विभाग को इसके लिए नोडल एजेंसी बनाकर आपदा प्रबंधन हेतु काल सेंटर तथा 100 नं. एवं 108 नं. की अधिक से अधिक जानकारी देकर त्वरित सहायता संबंधी कार्य किया जा सकता है। सीएसपी विवेक सिंह ने सुझाव दिया कि शहर में एक्सीडेंट को रोकने के लिए 16 स्थल अतिसंवेदनशील चौराहों के रूप में चिन्हित किए गए हैं इन स्थानों पर सूचना बोर्ड डम्बल स्पीड ब्रेकर, चमकने वाली सफेद लाईन अंकित कर दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। विभिन्न अधिकारियों ने रतलाम जिले में अब तक होने वाली आपदाओं के विषय में अपने अनुभव साझा किए तथा इसके आधार पर आगामी समय में आपदा प्रबंधन के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।