धोलावड़ जलाशय (सरोज सरोवर) से किसानों ने 386 मीटर जल स्तर तक सिंचाई के लिए पानी देने की मांग की है। जल उपयोगिता समिति द्वारा 18 सितंबर 2017 के निर्णय के विरुद्ध 2 मीटर पानी कम करने से नाराज क्षेत्र के किसानों ने कलेक्टर को समिति की बैठक में हुए निर्णय के अनुसार सिंचाई के लिए पानी देने की मांग की।
मौलावा नहर सरपंच अध्यक्ष भूरजी देवदा ने बताया 18 सितंबर की बैठक में मेरे सहित नहर सरपंच थावरा मालीवाड़ हरथल, नहर सरपंच मनजी खाटजुलवानिया ने बताया था कि सिंचाई विभाग द्वारा 2 वर्षों से धोलावड़ का जलस्तर 384 मीटर के बदले 388 मीटर आने पर ही सिंचाई के पानी देना से बंद किया जा रहा है। इससे पहले सिंचाई के लिए जलाशय के 384 मीटर तक पानी दिया जाता था। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं देने से 2 वर्ष से गेहूं के उत्पादन में अंतर आया है। पानी की कमी से कई किसानों की फसल तो नष्ट हो जाती है। देवदा ने बताया कार्यपालन यंत्री व जिला सचिव द्वारा इस वर्ष भी 388 के लेवल तक सिंचाई के लिए पानी देने की बात कही जा रही है। देवदा सहित सभी नहर सरपंचों ने मुख्यमंत्री, जल संसाधन मंत्री, संभागायुक्त व कलेक्टर को पत्र लिखकर जिला जल समिति की बैठक में लिए निर्णय अनुसार 386 के लेवल तक सिंचाई के लिए पानी देने की मांग की। उन्होंने बताया अगर पर्याप्त पानी नहीं मिला तो किसानों की फसलें सूख जाएंगी।