कृषक संसद में शामिल होने सिमलावदा पहुंचे संभागायुक्त एमबी ओझा से सिमलावदा के लोगों ने कहा- गांव में नेठुज पानी नहीं है। पेला पानी की समस्या हल करो, बाकी बात फेर कर जो। पानी की समस्या हल वई जाए तो खेती में पेला नंबर पर अई जाए सिमलावदा।

ग्राम सिमलावदा उन्नत खेती के लिए जाना जाता है। यहां के अधिकतर किसान पानी की कमी के चलते ड्रिप सिंचाई करते हैं और बेहतर खेती करते हैं। पानी की कमी को लेकर उन्होंने प्रशासन को जमकर खरी-खरी सुनाई। संभागायुक्त एमबी ओझा तथा कलेक्टर बी. चंद्रशेखर ने गांव के पास कुंडाल पाड़ा में बांध बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के लिए जल संसाधन विभाग व आरईएस को निर्देश दिए। इस पर ग्रामीण माने और आयोजन आगे बढ़ सका। खेल मैदान की मांग पर भी प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। ग्राम उदय से भारत में आयोजित कृषक संसद में जिपं सीईओ सोमेश मिश्रा, जनपद सीईओ लक्ष्मणसिंह डिंडोर मौजूद थे।

सिमलावदा के एक व्यक्ति ने आंगनवाड़ी में दो ही बच्चे आने की शिकायत की। संभागायुक्त ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को बुलाया तो उसने जवाब दिया कि उस दिन गांव में शादी थी तो बच्चे कहां से आते। गांव में शादी के दिन यही स्थिति रहती है।

जिले में 125 गांव की बेटी सिमलावदा से- जिले में सर्वाधिक गांव की बेटी सिमलावदा में है। 12वीं में प्रथम श्रेणी प्राप्त करने पर बेटियों को इसमें शामिल किया जाता है।

लागत दस हजार, मुनाफा हुआ पचास हजार – अडवानिया के किसान विनोद पिता राधेश्याम ने बताया एक बीघा में अश्वगंधा की खेती की। तीन क्विटंल जड़ें निकली जो 15 हजार रुपए क्विंटल बिकी। बगदे के भी पांच हजार मिले। पांच महीने में पचास हजार रुपए कमाए जबकि लागत 10 हजार रुपए ही लगी।

गांव की बोली में बताए खेती के बारे में – अडवानिया की कृषक संसद में कलेक्टर बी. चंद्रशेखर ने कृषि अधिकारियों से कहा भाषण मत दीजिए। किसानों को गांव की बोली में ही खेती के बारे में बताइए। जिला पंचायत के सदस्य नारायण मईड़ा, विधायक प्रतिनिधि बाबूलाल पाटीदार, सरपंच शांतिलाल पाटीदार आदि मौजूद थे।